DMCH में 48 घंटे से ज्यादा समय से इमरजेंसी सेवा प्रभावित, PG डॉक्टरों का धरना जारी; मरीजों की बढ़ी परेशानी
दरभंगा DMCH में PG डॉक्टरों का काम बंद आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सुरक्षा, अस्पताल की व्यवस्था और हॉस्टल की समस्याओं को लेकर डॉक्टर इमरजेंसी के बाहर धरने पर हैं। इससे 48 घंटे से अधिक समय से इमरजेंसी सेवा प्रभावित है और दरभंगा समेत आसपास के जिलों व नेपाल से आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों से वार्ता और मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है।
दरभंगा: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में PG डॉक्टरों का काम बंद आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सुरक्षा, मरीजों की बेहतर व्यवस्था और डॉक्टरों के हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर डॉक्टर इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के कारण पिछले 48 घंटे से अधिक समय से इमरजेंसी सेवा प्रभावित है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है।
डॉक्टरों के आंदोलन का असर दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल और नेपाल से इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर भी पड़ रहा है। कई मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, बुधवार रात एक विवाद के बाद काम बंद आंदोलन शुरू किया गया। घायल डॉक्टर पंकज ने मारपीट में हाथ की हड्डी टूटने का आरोप लगाया है। GDA अध्यक्ष डॉ. कुणाल कुमार झा का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पताल की व्यवस्था से जुड़ी मांगों का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा।
डॉक्टरों ने हॉस्टल की बदहाल स्थिति का भी मुद्दा उठाया है। उनका आरोप है कि हॉस्टल में जलजमाव की समस्या है, छत से पानी टपकता है और भवन की स्थिति जर्जर है।
वहीं, DMCH अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि डॉक्टरों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। उनके स्तर से पूरी की जा सकने वाली मांगों को तत्काल पूरा करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, अन्य मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
अधीक्षक ने बताया कि नया हॉस्टल और मेडिसिन वार्ड निर्माणाधीन है। हॉस्टल में जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए पंपिंग सेट लगाया गया है।
इधर, कुछ मरीजों के परिजनों ने भी इलाज में परेशानी का आरोप लगाया है। एक परिजन ने पर्ची के लिए पैसे लिए जाने के बावजूद इलाज नहीं होने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे परिजन ने मारपीट और मोबाइल क्षतिग्रस्त किए जाने की बात कही। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
फिलहाल PG डॉक्टरों का धरना जारी है। डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच वार्ता के बीच मरीज और उनके परिजन इमरजेंसी सेवा पूरी तरह सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
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