बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक साल से भटक रहा पिता, थाने में छलक पड़े आंसू
पटना: बेटे की मौत का दर्द और उसे न्याय दिलाने की उम्मीद लेकर एक पिता पिछले एक साल से पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है। लेकिन अब तक न तो बेटे का जब्त मोबाइल फोन वापस मिला है और न ही उसकी मौत की वजह स्पष्ट हो पाई है। शनिवार को पटना के कंकड़बाग थाने पहुंचे पिता मनोज कुमार कैमरे के सामने अपना दर्द बयां करते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बेटे की मौत का सच सामने लाने की मांग की है।
पटना: बेटे की मौत का दर्द और उसे न्याय दिलाने की उम्मीद लेकर एक पिता पिछले एक साल से पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है। लेकिन अब तक न तो बेटे का जब्त मोबाइल फोन वापस मिला है और न ही उसकी मौत की वजह स्पष्ट हो पाई है। शनिवार को पटना के कंकड़बाग थाने पहुंचे पिता मनोज कुमार कैमरे के सामने अपना दर्द बयां करते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बेटे की मौत का सच सामने लाने की मांग की है।
6 जनवरी 2025 को हुई थी 25 वर्षीय पंकज की मौत
यह मामला पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी 2025 को रामबिलास चौक की पूर्वी गली में ईस्ट गणपति वाटिका के पास ललू राय के मकान में 25 वर्षीय पंकज कुमार की मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पंकज का मोबाइल फोन भी जब्त किया था।
हालांकि, पंकज की मौत के बाद से ही उनके पिता मनोज कुमार अपने बेटे की मौत की वजह जानने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
दिल्ली में नौकरी करते हैं पिता, बेटे से थीं बड़ी उम्मीदें
मसौढ़ी निवासी मनोज कुमार दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। पंकज उनके दो बच्चों में बड़ा था। पिता के मुताबिक, वह बड़ी उम्मीदों के साथ बेटे को पढ़ा रहे थे और पंकज पटना में रहकर पढ़ाई कर रहा था। इसी बीच अचानक उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
मनोज कुमार का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया था कि उनके पटना पहुंचने के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाए, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। उन्हें यह भी बताया गया था कि पंकज किसी लड़की से बातचीत करता था। हालांकि, पिता का कहना है कि अब तक उन्हें बेटे की मौत की असली वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
बेटे का मोबाइल मांगने पर मिलता है एफएसएल का हवाला
मनोज कुमार का कहना है कि जब भी वह दिल्ली से पटना आते हैं, सबसे पहले थाने पहुंचकर मामले की जानकारी लेने की कोशिश करते हैं। बेटे का जब्त मोबाइल फोन वापस मांगने पर उन्हें बताया जाता है कि मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के पास है।
पिता के लिए यह मोबाइल फोन बेटे की आखिरी निशानी है। उनका कहना है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अपने सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिले हैं। लगातार थाने के चक्कर लगाने और इंतजार करने के कारण वह खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं।
पुलिस से न्याय की गुहार, मौत की वजह जानना चाहते हैं पिता
बेटे को खोने का दर्द मनोज कुमार के चेहरे पर साफ दिखाई दिया। थाने में अपनी पीड़ा बताते समय वह भावुक हो गए और रो पड़े। उनकी मांग है कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए, बेटे की मौत की वजह स्पष्ट की जाए और उन्हें न्याय मिले।
अब इस मामले में पुलिस की जांच और जब्त मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी अहम हो सकती है। हालांकि, पंकज की मौत के वास्तविक कारणों और मामले की वर्तमान जांच की स्थिति को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0







