मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण केवल भारतीय नागरिकों के लिए है : के रवि कुमार
यदि विदेशी नागरिक जो कानूनी अथवा अवैध तरीकों से रह रहे हैं वे मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के हकदार नहीं । नागरिकता का गलत घोषणा करना दंडनीय अपराध है । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने के रवि कुमार ने साहेबगंज और गोड्डा मे आदिवासी बहुल इलाके मे बीएलए 2 के ट्रेनिंग निरीक्षण के दौरान कहा ।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। भारत में रह रहे प्रवासी इस प्रक्रिया में भाग न लें। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया त्रुटि रहित एवं समावेशी मतदाता सूची के निर्माण के लिए है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बुधवार को संथाल परगना दौरे के दूसरे दिन साहेबगंज के सीमावर्ती प्रखंड बरहरवा स्थित प्लस 2 बरहरवा उच्च विद्यालय एवं सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल प्रखंड सुंदर पहाड़ी में ईआरओ स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए –2 कि ट्रेनिंग का निरीक्षण किया ।
के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में 5 श्रेणियों एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साइन कैटेगरी के मतदाताओं को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिफ्यूज टू साइन कैटेगरी के अंतर्गत मतदाताओं की दो उप-श्रेणियां आती हैं। पहली - 2026 की मतदाता सूची में कुछ ऐसे मौजूदा मतदाता हैं जो दूसरे देश में चले गए हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली है, लेकिन उन्होंने भारत की मतदाता सूची से अपना नाम नहीं हटवाया है। दूसरी - झारखण्ड में यदि विदेशी नागरिक जो कानूनी अथवा अवैध तरीकों से रह रहे हैं और यदि पिछले एसएसआर या मतदाता सूची के कंटिन्यूअस अपडेशन के दौरान प्रपत्र-6 में झूठी घोषणा देकर अवैध रूप से मतदाताओं के रूप में अपना पंजीकरण कराया है तो ऐसे व्यक्ति भारत के संविधान के अधिनियम 1950 एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर कि विदेशी नागरिक भारत में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के योग्य नहीं हैं और ईसीआई के इन निर्देशों को भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है कि विदेशी, मतदाता के रूप में पंजीकरण करने के हकदार नहीं हैं, उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 और भारत में रहने वाले विदेशियों पर लागू अन्य कानून के तहत, इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करके झूठी घोषणा देना एक दंडनीय अपराध है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखण्ड में कानूनी या अवैध रूप से रह रहे इन विदेशी नागरिकों से उम्मीद की जाती है कि वे इन्यूमरेशन फॉर्म को बिना हस्ताक्षर किए बीएलओ को वापस कर देंगे और बीएलओ फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर अपना निष्कर्ष लिखने के लिए इन्यूमरेशन फॉर्म में नीचे दिए गए स्थान पर लिखित रूप में कारण दर्ज करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समावेशी बनाने के लिए बीएलओ 2 की भूमिका अहम है, जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे बीएलओ को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में बीएलए 2 का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि अन कलेक्टवल इन्यूमरेशन फॉर्म एएसडीडी (ASDD - Absent, Shifted, Duplicate, Death) सूची का हिस्सा होंगे और इस सूची को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 की बैठक के समक्ष रखा जाएगा। इस बीएलओ-बीएलए-2 बैठक की कार्यवाही दर्ज की जाएगी और फिर इस बैठक की कार्यवाही और तस्वीर को भी संबंधित बीएलओ द्वारा ईसीआईनेट पर अपलोड किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलए-2 की नियुक्ति मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने और बीएलओ स्तर पर तैयार की जा रही मतदाता सूची का समकालीन अंकेक्षण/जांच करने के लिए की जाती है। यह एएसडीडी सूची सभी मतदान केंद्रों, पंचायत भवन, शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों में प्रकाशित की जाएगी और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एएसडीडी सूची की एक प्रति भी प्रदान की जाएगी, जो कि 5 अगस्त 2026 को निर्धारित है। यह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध होगी।
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