झारखंड के 10 जिलों में अगले 3 दिन भारी बारिश, 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून रहेगा एक्टिव, पांच दिनों में 5 डिग्री तक गिरेगा पारा

Jun 30, 2026 - 17:01
झारखंड के 10 जिलों में अगले 3 दिन भारी बारिश, 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून रहेगा एक्टिव, पांच दिनों में 5 डिग्री तक गिरेगा पारा

RANCHI : रांची सहित पूरे झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया, जिसका असर देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए हुए हैं। चाईबासा, कोडरमा, धनबाद जैसे जिलों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने आज के लिए भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मानसून की इस सक्रियता से तापमान में गिरावट आ रही है। मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने 30 जून से 2 जुलाई तक मानसून के और सक्रिय रहने की संभावना जताई है। इस दौरान जामताड़ा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़ और धनबाद में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बारिश और तेज हवा के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है।

तीन दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव

मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 2 जुलाई तक पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चल सकती है। रांची, बोकारो, रामगढ़, धनबाद, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जामताड़ा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।

वहीं 1 जुलाई को सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम को छोड़कर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर गर्जन और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। लगातार बारिश और तेज हवा के असर से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

जुलाई में अच्छी बारिश के आसार

अरब सागर के कुछ हिस्सों और गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से झारखंड में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई में भी बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

हालांकि, लगातार और भारी बारिश से खेतों में तैयार हो रहे धान के बिचड़े को नुकसान पहुंच सकता है। मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों के खेतों में जलजमाव होने पर बीज सड़ सकते हैं। खेतों में अधिक पानी जमा नहीं होने दें।

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