बिहार में फार्मासिस्ट बहाली पर घमासान, B-फार्मा डिग्रीधारी अनशन पर; डिप्लोमा धारकों ने कोर्ट आदेशों का हवाला देकर किया विरोध

पटना: बिहार में फार्मासिस्ट पदों पर बहाली की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। B-फार्मा डिग्रीधारी और डिप्लोमा फार्मासिस्ट आमने-सामने हैं। पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर B-फार्मा डिग्रीधारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि फार्मासिस्ट बहाली में केंद्रीय भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025 को लागू किया जाए।

Oct 7, 2026 - 17:46
बिहार में फार्मासिस्ट बहाली पर घमासान, B-फार्मा डिग्रीधारी अनशन पर; डिप्लोमा धारकों ने कोर्ट आदेशों का हवाला देकर किया विरोध

पटना: बिहार में फार्मासिस्ट पदों पर बहाली की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। B-फार्मा डिग्रीधारी और डिप्लोमा फार्मासिस्ट आमने-सामने हैं। पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर B-फार्मा डिग्रीधारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि फार्मासिस्ट बहाली में केंद्रीय भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025 को लागू किया जाए।

आंदोलन कर रहे B-फार्मा डिग्रीधारियों का आरोप है कि बिहार में फार्मासिस्ट नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव के कारण उन्हें सरकारी नौकरी के अवसरों से वंचित किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्ष 2024 में नियमावली में संशोधन के बाद अस्पतालों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति के लिए ऐसी व्यवस्था की गई, जिससे B-फार्मा डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो गए।

आंदोलनकारियों के मुताबिक, इस बदलाव से राज्य के करीब 25 हजार B-फार्मा फार्मासिस्ट प्रभावित हुए हैं। उनका दावा है कि 2,473 फार्मासिस्ट पदों पर बहाली के दौरान B-फार्मा डिग्रीधारियों को मौका नहीं मिला और बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए। इसी को लेकर अब अभ्यर्थी केंद्रीय नियमों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

B-फार्मा डिग्रीधारियों का कहना है कि फार्मासिस्ट पद के लिए उनकी डिग्री को भी मान्यता दी जानी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। आंदोलनकारियों ने सरकार से नियमों की समीक्षा कर केंद्रीय भर्ती एवं सेवा विनियम-2025 के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।

वहीं, दूसरी ओर डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ ने B-फार्मा डिग्रीधारियों के आंदोलन का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता बनाए रखने के पक्ष में पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया गया है।

डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीजीपी, डीएम और एसएसपी को पत्र भेजा है। संगठन ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि फार्मासिस्ट पद की निर्धारित योग्यता में बदलाव से जुड़े किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।

संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि B-फार्मा डिग्रीधारियों का आंदोलन जारी रहता है तो डिप्लोमा फार्मासिस्ट भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल फार्मासिस्ट बहाली की शैक्षणिक योग्यता को लेकर दोनों पक्षों के दावे और विरोध के बीच निगाहें बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों की मांग और डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठनों के विरोध के बीच सरकार किस तरह का फैसला लेती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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