जीबीएम कॉलेज में दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा "गुरु-शिष्य परंपरा" विषय पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन जीवन विद्या कोर्स पूर्ण करने पर छात्राओं को प्रमाणपत्र देकर किया गया सम्मानित
गया जी। गौतम बुद्ध महिला महाविद्यालय के सावित्री महाजन सभागार में दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में गुरु-शिष्य परंपरा’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात वक्ता आचार्य नवीन जी ने गुरु-शिष्य परंपरा के भारतीय सांस्कृतिक एवं दार्शनिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु को दिए जाने वाले सम्मान के बारे में चर्चा की। माता-पिता और गुरुजनों के प्रति श्रद्धा भाव रखने कहा।कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ सहदेब बाउरी एवं दर्शनशास्त्र विभाग की फैकल्टीज डॉ जया चौधरी, डॉ पूजा राय, डॉ अमृता कुमारी घोष, डॉ आशुतोष कुमार पांडे सहित सभी अन्य विभागों के फैकल्टीज एवं छात्राओं की उपस्थिति रही। कॉलेज की पीआरओ डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने बतलाया कि व्याख्यान का आयोजन 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के मद्देनजर किया गया। छात्राओं ने व्याख्यान सत्र में काफी तन्मयता के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जीवन विद्या द्वारा संचालित 40 घंटे के ‘रिफ्लेक्शन अॉन वैल्यूज’ पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। ये प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में उनकी नियमित उपस्थिति एवं निर्धारित असाइनमेंट के सफलतापूर्वक जमा करने के आधार पर प्रदान किये गये। प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ सहदेब बाउरी ने छात्राओं को जीवन विद्या कोर्स का प्रमाण पत्र देते हुए मेहनत करके पढ़ने का परामर्श दिया। भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुकरण करने की बात कही।
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