रांची में पनीर कारोबारियों पर सख्ती, बिना पंजीकरण कारोबार करने वालों पर होगी कार्रवाई; होटल-मिठाई दुकानों की जांच के निर्देश
रांची: जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जिला स्तरीय परामर्शी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी जांच अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
रांची: जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जिला स्तरीय परामर्शी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी जांच अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
पनीर कारोबारियों को कराना होगा पंजीकरण
बैठक में पनीर के कारोबार को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि व्यवसाय के उद्देश्य से पनीर का निर्माण करने, बिक्री करने अथवा अपने प्रतिष्ठान में उपयोग करने वाले व्यक्ति और प्रतिष्ठान अनिवार्य रूप से खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण कराएं।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बिना कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से पनीर के नमूनों की नियमित जांच भी जारी रहेगी। जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेता अथवा निर्माता के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों की होगी नियमित जांच
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जिले के होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों में नियमित एवं निरंतर जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अमानक उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
खाद्य सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्देश
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। आगामी महीनों में खाद्य पदार्थों की जांच, जनजागरूकता कार्यक्रमों और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था धनंजय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय, सिविल सर्जन, जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग के पदाधिकारी, सभी फूड सेफ्टी ऑफिसर और संबंधित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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