मोकामा में शराब माफिया का ‘आसमान’ वाला खेल! पेड़ पर मचान बनाकर चल रही थी देसी शराब की भट्ठी, 1000 लीटर शराब नष्ट
मोकामा: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर पुलिस से बचने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। मोकामा के सुल्तानपुर दियारा इलाके में शराब माफिया का ऐसा ही अनोखा ठिकाना सामने आया, जहां पेड़ों पर मचान बनाकर देसी शराब की भट्ठियां चलाई जा रही थीं।
मोकामा: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर पुलिस से बचने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। मोकामा के सुल्तानपुर दियारा इलाके में शराब माफिया का ऐसा ही अनोखा ठिकाना सामने आया, जहां पेड़ों पर मचान बनाकर देसी शराब की भट्ठियां चलाई जा रही थीं।
प्रभारी मेकरा ओपी अध्यक्ष नवनीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को सुल्तानपुर दियारा इलाके में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस की नजर सूखे पेड़ों पर बनाए गए मचान पर पड़ी। पुलिस टीम जब वहां पहुंची तो पेड़ों के ऊपर देसी शराब तैयार करने के लिए भट्ठियां जलती मिलीं।
पुलिस के मुताबिक, कम से कम चार सूखे पेड़ों पर मचान बनाकर शराब तैयार की जा रही थी। जमीन पर पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने शराब बनाने का ठिकाना पेड़ों के ऊपर बना रखा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1000 लीटर अर्धनिर्मित देसी शराब बरामद की। बरामद शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि पेड़ों पर बनाई गई चारों शराब की भट्ठियों को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया।
एक शराब तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से एक नामी शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि शराब तस्कर लगातार अपने ठिकाने और शराब बनाने के तरीके बदल रहे हैं। पहले जमीन और पानी के बीच छिपकर शराब बनाने के मामले सामने आते थे, लेकिन मोकामा में तस्करों ने पेड़ों पर ही अपना ठिकाना बना लिया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब दियारा क्षेत्र में शराब निर्माण और तस्करी के ऐसे छिपे ठिकानों की तलाश तेज करने की तैयारी में है। पुलिस का कहना है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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