गढ़वा के भवनाथपुर अस्पताल से नवजात के साथ प्रसूता गायब, खरीद-फरोख्त की आशंका से मचा हड़कंप; 20 घंटे बाद पुलिस ने किया बरामद

गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद नवजात बच्चे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई, जिसके बाद परिजनों ने नवजात की कथित खरीद-फरोख्त की आशंका जताई। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। करीब 20 घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने महिला और उसके नवजात बच्चे को बरामद कर लिया।

Oct 7, 2026 - 21:01
गढ़वा के भवनाथपुर अस्पताल से नवजात के साथ प्रसूता गायब, खरीद-फरोख्त की आशंका से मचा हड़कंप; 20 घंटे बाद पुलिस ने किया बरामद

गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद नवजात बच्चे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई, जिसके बाद परिजनों ने नवजात की कथित खरीद-फरोख्त की आशंका जताई। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। करीब 20 घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने महिला और उसके नवजात बच्चे को बरामद कर लिया।

जानकारी के अनुसार, बुका गांव निवासी संजय पासवान अपनी पत्नी कंचन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब तीन बजे भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि एएनएम गुलाब खलखो और सीमा कुमारी ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब 5:30 बजे कंचन देवी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

परिजनों का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे लेने के लिए तीन-चार लोग अस्पताल पहुंचे थे। सहिया उषा देवी ने भी ऐसे लोगों के अस्पताल पहुंचने की बात कही है। रात करीब नौ बजे एएनएम की ड्यूटी बदलने के बाद भाइलेट एक्का और अंजू किसपोटा ने कार्यभार संभाला। इसी दौरान नवजात को लेने पहुंचे लोगों और सहिया के बीच कथित तौर पर कहासुनी होने की बात सामने आई। इसके बाद सहिया अपने घर चली गई।

बताया गया कि रात करीब 11 बजे प्रसूता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई। इसके बाद महिला और बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने महिला और नवजात की तलाश शुरू की। करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया।

प्रसव रजिस्टर में नाम दर्ज नहीं होने पर सवाल

मामले में अस्पताल के प्रसव रजिस्टर को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात एएनएम अंजू किसपोटा और भाइलेट एक्का के अनुसार, प्रसव रजिस्टर में महिला का नाम दर्ज नहीं था, जिसकी वजह से उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं थी।

वहीं, प्रसव रजिस्टर में प्रसूता का नाम दर्ज नहीं होने को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। मामले में एक एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निःसंतान दंपति को बच्चा देने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

इस मामले में सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आई कि नवजात को चपरी पंचायत क्षेत्र में किसी निःसंतान दंपति को दिए जाने की बात कही जा रही थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह कंचन देवी पर पहले भी एक बच्चे को बेचने का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कनेडी ने नवजात की खरीद-फरोख्त के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बच्चे को लेकर अस्पताल से चली गई थी।

फिलहाल पुलिस ने महिला और नवजात को बरामद कर लिया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रसव रजिस्टर में नाम दर्ज नहीं होने और कथित छेड़छाड़ के मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0