बिहार में 1 सितंबर को CM आवास का घेराव करेंगे किन्नर, बोर्ड भंग करने के खिलाफ हल्ला बोल
PATNA : बिहार सरकार ने किन्नर समाज के कल्याण के लिए गठित बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है. समाज कल्याण विभाग की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में तत्काल प्रभाव से बोर्ड के मनोनीत और सरकारी सदस्यों की सदस्यता समाप्त किए जाने की बात कही गई है. सरकार ने यह फैसला केंद्र सरकार के The Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Act, 2026 में हुए बदलावों के बाद बोर्ड के पुनर्गठन की आवश्यकता बताते हुए लिया है.
CM आवास का करेंगे घेराव
बोर्ड को भंग किए जाने के विरोध में किन्नर समाज ने 1 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है. बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे ट्रांसजेंडर राजन सिंह ने सरकार के इस फैसले को गलत और असंवैधानिक बताया है. उनका कहना है कि बोर्ड को भंग करने से पहले न तो सदस्यों से राय ली गई और न ही उन्हें इसकी औपचारिक जानकारी दी गई.
'बोर्ड भंग की जानकारी नहीं'
राजन सिंह ने कहा कि वह बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष थे, लेकिन बोर्ड भंग किए जाने की जानकारी उन्हें सरकार की ओर से औपचारिक रूप से नहीं दी गई. उनके मुताबिक, बोर्ड को भंग करने का आदेश उन्हें मीडिया के माध्यम से मिला.
उन्होंने कहा कि ''जिन लोगों को बोर्ड में जिम्मेदारी दी गई थी, फैसला लेने से पहले उनकी राय तक नहीं ली गई. 21 सितंबर को बोर्ड भंग किया गया है और आज 28 सितंबर को मुझे जानकारी मिली है.''
क्या है पूरा मामला?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन 7 अगस्त 2025 की अधिसूचना के माध्यम से तीन वर्षों के लिए किया गया था. अब केंद्र सरकार की ओर से 30 मार्च 2026 को The Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Act, 2026 अधिसूचित किए जाने के बाद बदले हुए प्रावधानों और राज्य में निवास करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड का पुनर्गठन आवश्यक बताया गया है. इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से मनोनीत और सरकारी सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी गई है.
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