रांची के नागा बाबा सब्जी बाजार में शुरू हुई बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई, महिलाओं को मिलेगा रोजगार
रांची: राजधानी रांची को प्लास्टिक मुक्त बनाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक नई पहल की है। नागा बाबा सब्जी बाजार में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित की गई है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को महापौर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार ने इसका विधिवत उद्घाटन किया। नगर निगम की इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आय अर्जन के नए अवसर पैदा होंगे।
रांची:- राजधानी रांची को प्लास्टिक मुक्त बनाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक नई पहल की है। नागा बाबा सब्जी बाजार में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित की गई है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को महापौर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार ने इसका विधिवत उद्घाटन किया। नगर निगम की इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आय अर्जन के नए अवसर पैदा होंगे।
महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं संभालेंगी जिम्मेदारी
इस निर्माण इकाई का संचालन एरिया लेवल फेडरेशन (ALF) से जुड़ी महिला सदस्य करेंगी। महिलाएं यहां पॉलीबैग के उत्पादन से लेकर उसके प्रबंधन और विपणन तक की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ-साथ उद्यमिता, प्रबंधन और विपणन कौशल विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
नगर निगम के अनुसार, इस इकाई में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग के निर्माण के लिए PVAT और फिलर का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों कच्चे माल का अनुपात 7:3 रखा गया है। मशीन की उत्पादन क्षमता करीब 40 किलोग्राम प्रति घंटे है।
एक किलो बैग पर 20 रुपये का संभावित अधिशेष
निर्माण इकाई की निर्धारित लागत के अनुसार, एक किलोग्राम बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग तैयार करने में करीब 140 रुपये खर्च होंगे। वहीं, इसका संभावित बिक्री मूल्य 160 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इस तरह प्रति किलोग्राम 20 रुपये का संभावित अधिशेष प्राप्त हो सकता है।
निर्माण इकाई की आर्थिक क्षमता
प्रति घंटे उत्पादन
40 किलो
प्रति किलो लागत
₹140
प्रति किलो बिक्री मूल्य
₹160
प्रति किलो संभावित अधिशेष
₹20
प्रति घंटे संभावित बिक्री
₹6,400
प्रति घंटे संभावित अधिशेष
₹800
ये आंकड़े पूरी क्षमता से उत्पादन और बिक्री होने की स्थिति में संभावित हैं। वास्तविक अधिशेष उत्पादन और बिक्री पर निर्भर करेगा।
झारखंड के नगर निकायों में पहली पहल
रांची नगर निगम के अनुसार, झारखंड में किसी नगर निकाय की ओर से इस तरह की बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित करने की यह पहली पहल है। इसके जरिए प्रतिबंधित पॉलीथिन कैरी बैग के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस इकाई से बाजारों में पर्यावरण अनुकूल बैग की उपलब्धता बढ़ने और पारंपरिक प्लास्टिक बैग पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नगर निगम भविष्य में इस मॉडल की सफलता के आधार पर इसे शहर के अन्य बाजारों में भी विस्तारित करने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है।
नागरिकों से प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल नहीं करने की अपील
रांची नगर निगम ने नागरिकों से प्रतिबंधित पॉलीथिन कैरी बैग का इस्तेमाल नहीं करने और खरीदारी के दौरान पर्यावरण अनुकूल तथा दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले बैग को प्राथमिकता देने की अपील की है। निगम का कहना है कि स्वच्छ और पर्यावरण सुरक्षित रांची के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
उद्घाटन समारोह में नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक सहित नगर निगम के अन्य कर्मी मौजूद रहे।
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