बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली पर CM सम्राट चौधरी की अपील, संपन्न परिवार छोड़ें सब्सिडी; शिक्षा व्यवस्था पर खर्च होगी बचत

पटना: बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी अपील की है। उन्होंने राज्य के आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और इनकम टैक्स देने वाले लोगों से स्वेच्छा से मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सक्षम परिवार अगर इस सुविधा का लाभ छोड़ते हैं, तो सरकार की बचत का इस्तेमाल राज्य के विकास और खासकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है।

Nov 2, 2026 - 11:17
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली पर CM सम्राट चौधरी की अपील, संपन्न परिवार छोड़ें सब्सिडी; शिक्षा व्यवस्था पर खर्च होगी बचत

पटना: बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों से एक खास अपील की है। मुख्यमंत्री ने इनकम टैक्स देने वाले लोगों और सक्षम परिवारों से स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जिन परिवारों को आर्थिक रूप से इस सुविधा की जरूरत नहीं है, अगर वे खुद आगे आकर इसका लाभ छोड़ते हैं, तो सरकार इस बची हुई राशि का इस्तेमाल राज्य के विकास कार्यों में कर सकती है।

सरकार हर साल बिजली सब्सिडी पर खर्च कर रही 23 हजार करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार बिजली सब्सिडी पर हर साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार पर सालाना लगभग 8 हजार से 10 हजार रुपये का खर्च आता है। सरकार राज्य के सभी आर्थिक वर्गों के बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा दे रही है।

ऐसे में मुख्यमंत्री का मानना है कि आर्थिक रूप से मजबूत परिवार अगर स्वेच्छा से इस सुविधा का लाभ छोड़ते हैं, तो सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों और विकास से जुड़ी दूसरी प्राथमिकताओं पर किया जा सकता है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षा को राज्य की तरक्की का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान ही सफलता एवं समृद्धि की असली नींव हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी जिक्र किया।

इस योजना के तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

उन्होंने बिहार में 700 मॉडल स्कूलों की स्थापना और विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद देने के लिए विद्यार्थी साथी ऐप जैसी पहल का भी उल्लेख किया।

युवाओं से लोकतंत्र और देश निर्माण में भागीदारी की अपील

पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोकतंत्र को मजबूत बनाने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने 1974 के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज की Gen-Z और Gen-Alpha पीढ़ी को भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने इस तरह के युवा संसद कार्यक्रमों को हर साल आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जा सके।

क्या है इस अपील का मकसद?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस अपील का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। सरकार चाहती है कि जिन परिवारों को आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है, वे आगे आकर राज्य के विकास में अपना योगदान दें।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह अपील स्वैच्छिक रूप से की है। फिलहाल इसे सभी आयकरदाताओं के लिए अनिवार्य नियम या मुफ्त बिजली योजना बंद करने का फैसला नहीं समझना चाहिए।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी और युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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