बिहार में पहली बार महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर बनेगा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, सम्पतचक में दिखेगी आस्था और भव्यता
पटना: बिहार में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान सम्पतचक में भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां पहली बार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। करीब 108 फीट चौड़े और 108 फीट ऊंचे इस पंडाल में मां दुर्गा की 18 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है।
पटना:- बिहार में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान सम्पतचक में भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां पहली बार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। करीब 108 फीट चौड़े और 108 फीट ऊंचे इस पंडाल में मां दुर्गा की 18 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है।
पंडाल की खासियत यह होगी कि इसमें महाकालेश्वर मंदिर की थीम के अनुरूप भगवान शिव का शिवलिंग और नंदी महाराज की स्थापना भी की जाएगी। पूजा समिति के मुताबिक, यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
57 वर्षों से हो रही दुर्गा पूजा
सम्पतचक में पिछले करीब 57 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है। इस बार पूजा समिति ने बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की है। पंडाल की डिजाइनिंग की जिम्मेदारी पटना सिटी के आर्टिस्ट इशू भाई को दी गई है। पंडाल और लाइटिंग का काम सतेंद्र टेंट हाउस, जबकि साउंड की जिम्मेदारी राजगुरु टेंट हाउस को दी गई है।
सम्पतचक बाजार के करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। पूजा आयोजन का अनुमानित बजट करीब 40 से 45 लाख रुपये बताया गया है।
पिछले साल प्रेम मंदिर की थीम, इस बार महाकालेश्वर
पूजा समिति के मुताबिक, पिछले साल वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया था, जिसे श्रद्धालुओं का अच्छा आकर्षण मिला था। इस बार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर को थीम बनाया गया है।
नवरात्रि की सप्तमी से दशमी तक यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, करीब 50 गांवों से लोग पूजा देखने पहुंच सकते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मगही और भोजपुरी कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भव्य होगा विसर्जन जुलूस
विजयादशमी के बाद 11वीं तिथि को भव्य विसर्जन जुलूस निकालने की तैयारी है। इसमें हाथी, घोड़े, ऊंट, मंडरा और झारखंड से बुलाए गए बैंड शामिल होंगे।
विसर्जन जुलूस सम्पतचक बाजार से अब्दुल्लाहचक होते हुए बैरिया पहुंचेगा। इसके बाद सोहगी, फतेहपुर और गौरीचक होते हुए जुलूस पुनपुन नदी पहुंचेगा, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
पूजा समिति की ओर से साफ-सफाई व्यवस्था में सम्पतचक नगर परिषद के अध्यक्ष अमित कुमार और अध्यक्ष प्रतिनिधि ऋषव राज उर्फ बंटू के सहयोग की बात कही गई है।
इस बार सम्पतचक में दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ भव्य आयोजन की झलक देखने को मिलेगी। महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने की तैयारी में है।
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