बोकारो में नियुक्ति पत्र मिलते ही सजल कुमार का अनशन खत्म, विधायक के धरने के बाद BGH प्रबंधन ने लिया फैसला

बोकारो: रोजगार की मांग को लेकर करीब चार महीने से चल रहा विस्थापित युवा सजल कुमार का आंदोलन आखिरकार नियुक्ति पत्र मिलने के बाद समाप्त हो गया। BGH में करीब चार महीने काम करने के बाद कार्यमुक्त किए गए सजल कुमार अपने परिवार के साथ टू-टैंक गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। लंबे समय से चल रहे इस मामले में गुरुवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब बोकारो विधायक श्वेता सिंह खुद BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं और सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं।

Sep 24, 2026 - 17:10
बोकारो में नियुक्ति पत्र मिलते ही सजल कुमार का अनशन खत्म, विधायक के धरने के बाद BGH प्रबंधन ने लिया फैसला

बोकारो:- रोजगार की मांग को लेकर करीब चार महीने से चल रहा विस्थापित युवा सजल कुमार का आंदोलन आखिरकार नियुक्ति पत्र मिलने के बाद समाप्त हो गया। BGH में करीब चार महीने काम करने के बाद कार्यमुक्त किए गए सजल कुमार अपने परिवार के साथ टू-टैंक गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। लंबे समय से चल रहे इस मामले में गुरुवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब बोकारो विधायक श्वेता सिंह खुद BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं और सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं।

सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति को लेकर इससे पहले BSL प्रतिनिधि सुजीत राय और विस्थापित प्रतिनिधि राज कुमार सिंह की मौजूदगी में BGH प्रबंधन के साथ दो दौर की वार्ता हुई थी। हालांकि, दोनों दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद सजल कुमार और उनके परिवार ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

मामला बढ़ने के बाद बोकारो विधायक श्वेता सिंह BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कार्यालय के बाहर धरना देते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक सजल कुमार के हाथ में नियुक्ति पत्र नहीं आता, वह वहां से नहीं हटेंगी। इस दौरान कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद किए जाने की बात भी सामने आई। विधायक के धरने और आंदोलन के बाद मामले में प्रबंधन की ओर से जल्द समाधान की दिशा में पहल की गई।

इसके बाद BGH प्रबंधन ने सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति का निर्णय लिया और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंप दिया। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही सजल कुमार और उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के समाप्त होने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने सजल कुमार को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सजल कुमार ने विधायक श्वेता सिंह और आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद उन्हें दोबारा रोजगार का अवसर मिला है।

वहीं, विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं से जुड़े लंबित रोजगार के मामलों को केवल बैठक और आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो विस्थापितों और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

सजल कुमार को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद फिलहाल उनका अनशन समाप्त हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने बोकारो में विस्थापितों और रोजगार से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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