झारखंड हुआ अनलॉक,खुलेंगे स्कूल-कोचिंग,चलेंगी अंतरराज्यीय बसें

स्कूल-कॉलेज में नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक चलेंगी।अंतरराज्यीय बस सेवा की भी अनुमति दे दी गई है।

झारखंड हुआ अनलॉक,खुलेंगे स्कूल-कोचिंग,चलेंगी अंतरराज्यीय बसें

रांची:

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई। इस दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर प्रतिबंधों की समीक्षा की गई। बैठक में बन्ना गुप्ता समेत अन्य मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए। झारखंड में अनलॉक-6 को लेकर सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में लॉकडाउन में कुछ शर्तों के साथ छूट देने का फैसला लिया गया। स्कूल-कॉलेज में नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक चलेंगी। होटल और रेस्टोरेंट अब रविवार 10 बजे तक खुलेंगे। शादी समारोह में अब 100 लोग शामिल हो सकेंगे। अंतरराज्यीय बस सेवा की भी अनुमति दे दी गई है।

झारखंड हुआ अनलॉक,खुलेंगे स्कूल-कोचिंग

झारखंड सरकार ने राज्‍य के स्‍कूलों को फिर से खुलने की अनुमति दे दी है। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक के बाद स्‍कूल दोबारा खोलने का निर्णय लिया।जानकारी के अनुसार सूबे के स्‍कूलों को दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। फिलहाल 9वीं से 12वीं कक्षा तक चलेंगे। स्‍कूलों के साथ झारखंड के कोचिंग संस्‍थान और शैक्षणिक संस्‍थानों को भी खोलने की अनुमति दी गई है।

अनलॉक-6 में मिली राहत

  • रविवार को आवश्यक सेवाओं के साथ राशन की दुकान खुली रहेंगी
  • कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए ऑफलाइन क्लास की छूट
  • स्कूल में पठन-पठान का समय दिन के 12 बजे तक
  • कोचिंग संस्थान खुलेंगे : वैक्सीन लेने के बाद 18 साल से ऊपर के छात्र जा सकेंगे कोचिंग
  • राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी
  • राज्य में इंटर स्टेट बस सेवा की भी होगी शुरुआत
  • शादी समारोह में 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति
  • रविवार को होटल रात 10 बजे तक खुलेंगे
  • सरकारी व निजी कार्यालयों में उपस्थिति 100 फीसदी रहेगी

इन पर जारी रहेंगे प्रतिबंध

  • मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल बंद रहेंगे
  • स्कूलों में प्रार्थना सभाओं पर प्रतिबंध रहेगा
  • जुलूस-प्रदर्शन पर रोक रहेगा

अनलॉक-6 में शिक्षण संस्थानों, कोचिंग संस्थानों के खुलने से स्कूल और कोचिंग संचालकों को बड़ी राहत मिली है। लगातार बंदी की वजह से ये लोग परेशान थे। कई शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी और वे सरकार से इन संस्थानों को खोलने की माँग कर रहे थे।