बोकारो में नियुक्ति पत्र मिलते ही खत्म हुआ सजल कुमार का अनशन, विधायक श्वेता सिंह ने जूस पिलाकर कराया समाप्त
बोकारो में रोजगार की मांग को लेकर करीब चार महीने से आंदोलनरत विस्थापित युवा सजल कुमार को BGH प्रबंधन ने पुनर्नियुक्ति का नियुक्ति पत्र सौंप दिया। इसके बाद बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। सजल कुमार ने विधायक और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। विधायक ने विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं के लंबित रोजगार मामलों के समाधान की मांग की।
बोकारो में रोजगार की मांग को लेकर चल रहा विस्थापित युवा सजल कुमार का आंदोलन आखिरकार नियुक्ति पत्र मिलने के बाद समाप्त हो गया। बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) में करीब चार महीने तक काम करने के बाद कार्यमुक्त किए गए सजल कुमार अपने परिवार के साथ टू-टैंक गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। बुधवार को BGH प्रबंधन ने उनकी पुनर्नियुक्ति का निर्णय लेते हुए नियुक्ति पत्र सौंपा।
सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति को लेकर पहले BSL प्रतिनिधि सुजीत राय और विस्थापित प्रतिनिधि राज कुमार सिंह की मौजूदगी में BGH प्रबंधन के साथ दो दौर की वार्ता हुई थी। हालांकि, बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद सजल कुमार और उनका परिवार भूख हड़ताल पर बैठ गया।
विधायक के धरने के बाद बनी सहमति
मामले की जानकारी मिलने के बाद बोकारो विधायक श्वेता सिंह BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रबंधन के समक्ष सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति का मुद्दा उठाया और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं। रिपोर्टों के मुताबिक, विधायक ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति पत्र मिलने तक वह वहां से नहीं हटेंगी।
इसके बाद BGH प्रबंधन ने सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति का निर्णय लिया और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंप दिया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने सजल कुमार को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। सजल कुमार ने विधायक और आंदोलन में सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया।
विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं का मुद्दा भी उठा
अनशन समाप्त होने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि विस्थापितों और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े मामलों को केवल बैठकों और आश्वासनों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने BSL में अप्रेंटिसशिप पूरी कर चुके युवाओं के लंबित रोजगार मामलों का भी मुद्दा उठाया और समयबद्ध समाधान की मांग की।
विधायक ने कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना प्राथमिकता है, लेकिन लंबे समय से लंबित रोजगार मामलों पर ठोस कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आगे आंदोलन करने की बात भी कही।
नियुक्ति पत्र मिलने के साथ सजल कुमार और उनके परिवार का आंदोलन समाप्त हो गया। अब उनकी पुनर्नियुक्ति के बाद रोजगार से जुड़े अन्य लंबित मामलों के समाधान को लेकर भी नजरें BSL प्रबंधन पर टिकी हैं।
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