मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन (10 अगस्त) को पूरे राज्य के युवाओं ने बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने की दी चेतावनी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन (10 अगस्त) को पूरे राज्य के युवाओं ने बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने की दी चेतावनी

रांची:

झारखंड यूथ एसोसिशन के बैनर तले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में झारखंड के इतिहास में पहली बार झारखंड के समस्त युवा एक साथ एक मंच पर एक स्वर में अपने हक अधिकार की मांग के लिए एकत्रित हुए। शहीद निर्मल महतो के बलिदान दिवस के अवसर पर संपूर्ण राज्य में जिला स्तरीय “झारखंड अगस्त क्रांति” का आगाज किया गया। युवाओं ने तय कार्यक्रम के अनुसार रांची की मोराबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू होकर आंदोलन का प्रदर्शन करते हुए शहीद निर्मल महतो के प्रतिमा पर माल्यार्पण किए और उसके बाद अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च किए । जिसमें मुख्य रूप से जेपीएससी, जेएसएससी, पंचायत सेवक, जैप, डिप्लोमा जेई, होमगार्ड, पारा मेडिकल, 14 वें वित्त आयोग, जेटेट, सहायक पुलिस, उत्पाद सिपाही, स्पेशल ब्रांच, न्यू टेट, के अलावा अन्य अभ्यार्थी के साथ साथ पारा शिक्षक, मनरेगा कर्मी, के अलावा विभिन्न विभागों के संविदा कर्मी और अनुबंध कर्मी के युवाओं ने अपनी भागीदारी दिखाई । राँची से देवेन्द्रनाथ महतो , बोकारो से गुलाम हुसैन, धनबाद से सफी इमाम व राजेश ओझा ,चतरा से प्रकाश कुमार व अजय राना,रामगढ़ से संतोष कुमार , गिरीडीह से चंदन आनन्द, पुरुषोत्तम कुमार, दुमका से रजनी मिर्धा, देवघर से पुरुषोत्तम कुमार, हजारीबाग से स्थानीय युवा, जामतारा से स्थानीय युवा आदि ने अगस्त क्रांति की अगुवाई की।

The youth of the entire state warned to celebrate Chief Minister Hemant Soren’s birthday (August 10) as unemployed day.

सरकार स्पष्ट नियोजन नीति बनाए
अगस्त क्रांति का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने “अगस्त क्रांति” को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी छात्रों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार अपने वादा के अनुरूप लंबित नियुक्ति को क्लियर करे । साथ ही मैट्रिक इंटर आधारित नियोजन नीति को रद्द करके खतियान आधारित स्पष्ट नियोजन लागू करते हुए ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दे और तत्काल सभी विभागों के रिक्त पदों को भरा जाय। नियोजन नीति स्पष्ट नहीं होने के कारण झारखण्ड के युवाओं का भविष्य अंधेरे में डूब रहा है। रघुवर सरकार में पारित 13-11 अनुसूचित – गैर अनुसूचित जिला बांटने के चक्कर में सभी नियुक्ति पेंडिंग में है । जिसके परिणाम स्वरूप झारखंडी युवा का भविष्य बर्बाद हो रहा है। जिससे झारखण्ड के युवाओं के साथ साथ राज्य के किसान मजदूर अभिभावक लोग भी चिंतित हैं । बेरोजगारी के कारण युवाओं का समय पर शादी भी नहीं हो पा रही । इस बेरोजगारी का असर लड़कियों पर ज्यादा हो रहा है।

सरकार से आर-पार की लड़ाई की चेतावनी
वर्तमान सरकार भी नियुक्ति नियमावली में पिछला इतिहास फिर से दोहरा रही है। मैट्रिक इंटर आधारित नियोजन नीति असंवैधानिक है ।इसके तहत खतियान धारी अनारक्षित अभ्यर्थियों को वंचित किया गया है। इस नियामवली के तहत नियुक्ति होने पर मामला निश्चित कोर्ट तक जायेगा और नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान मामला कोर्ट जाने पर निश्चित रूप फिर से नियुक्ति पेंडिंग ही पड़ा रहेगा । छात्र सब आहर्ता रखने के बावजूद पूर्ण तैयारी के बावजूद बिना परीक्षा लिखे बिना अवसर प्राप्त किये रिटायर्ड कर जायेंगे।
साथ ही मौके पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो वर्तमान हेमंत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि ये आर – पार का निर्णायक लड़ाई है। सरकार हमारी मांग पर आश्वासन न देकर सीधे कारवाई और सुनवाई करे । अगर हमारी मांग को सरकार नजरअंदाज करती है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर 10 अगस्त को पूरे राज्य के युवा बेरोजगार दिवस के रूप मनाएंगे और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे । ये लड़ाई मांग पूरी होने तक अलग अलग स्वरूप में निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से देवेंद्र नाथ महतो, राहुल राज, राज उरांव,शीतल ओहदार, अमर कुमार महतो, रवि पिटर, ललित कुमार, रूपेश कुमार, संदीप कुमार, दिलेश ठाकुर, प्रीतम लोहरा, योगेश चन्द्र भारती के अलावा अन्य सैकड़ों युवाओं का अहम योगदान रहा।