राज्य में सत्ताधारी और विपक्ष के लिये अलग-अलग कानून नही चलेगा…आदित्य साहू
जिला प्रशासन बताये कि क्या मोरहाबादी में कांग्रेस पार्टी को धरना देने की स्वीकृति प्रशासन ने दी है? क्या अब मोरहाबादी मैदान,राजभवन के पास धरना प्रदर्शन नियमो का उल्लंघन नही है?
रांची:
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की महंगाई पर कांग्रेस के प्रदर्शन को ढकोसला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल के महंगाई के लिए कांग्रेस जिम्मेवार है। मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी ने 2014 से पहले तेल कंपनियों को ऑयल बॉण्ड जारी किए थे। जिसे नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार को यूपीए के दौरान जारी किए गए ऑयल बॉण्ड के मूलधन और उस पर लगने वाला ब्याज़ चुकाना पड़ रहा है और उसके भुगतान की वजह से ये कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार के बजट आंकड़ों के मुताबिक पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान जारी किए क़रीब 1.31 लाख करोड़ के ऑयल बॉण्ड का भुगतान तेल कंपनियों को मार्च 2026 तक किए जाने हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनैतिक ड्रामा बंद करे, वैट घटाकर जनता को राहत दे। पेट्रोल डीजल के दाम पर राज्य सरकारों को कर के रूप में बड़ा हिस्सा मिलता है। पेट्रोल डीजल की महंगाई पर कांग्रेस द्वारा किये गए प्रदर्शन महज राजनैतिक ड्रामा है। कांग्रेस जनता के आंखों में धूल झोंक रही है। पेट्रोल डीजल का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकारों को प्राप्त होता है। राज्य सरकारें 22 से 25 फीसदी वैट व प्रति लीटर एक रुपया सेस के रूप में सीधे प्राप्त करती है।
जबकि केंद्र 33 रुपिया प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी के रूप में प्राप्त करती है। इस 33 रुपये में पुनः राज्य सरकार को 42 फीसदी विकास के नाम पर दिया जाता है। ऐसे में देखा जाए तो प्रति लीटर राज्य को लगभग 37 रुपिया और केंद्र को लगभग 25 ₹ प्राप्त होता है। कांग्रेस झामुमो की सरकार वैट पर कटौती करते हुए जनता को राहत दे सकती है किंतु इन्हें राजनैतिक ड्रामेबाजी से फुरसत कहां है।
प्रशासन बन रहा सत्ता पक्ष का मोहरा
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस द्वारा मोरहाबादी में किए गए प्रदर्शन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस कोविड के नियमों की अनदेखी करते हुए प्रदर्शन कर रही है। सरकार ने धरना हेतु स्थान सुनिश्चित कर रखा है। बावजूद सत्ता के आड़ में नियमों की अनदेखी कर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग अलग कानून नहीं चलेगा। एक राज्य में दो नियम नहीं चलेगा।
कहा कि जिला प्रशासन बताये कि क्या मोरहाबादी में धरना देने की स्वीकृति प्रशासन ने दी है?
क्या अब मोरहाबादी मैदान,राजभवन के पास धरना प्रदर्शन नियमो का उल्लंघन नही है?
श्री साहू ने रांची अनुमंडल पदाधिकारी से नियम विरुद्ध धरने के संबंध में दूरभाष पर बात कर सवाल खड़ा किया कि किस नियम के तहत कांग्रेस पार्टी के नेताओं को मोरहाबादी में धरना की अनुमति दी गई।जिसपर एसडीओ ने बताया कि धरना केलिये कोई लिखित स्वीकृति नही दी गई है। धरना स्थल पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई जो विधिसम्मत कार्रवाई करेंगे।
श्री साहू ने कहा कि जब धुर्वा में धरना स्थल चिन्हित है फिर मोरहाबादी में सत्ता पक्ष के लोग कैसे धरना दे रहे।
एक तरफ किसानों के सवाल पर भाजपा की आवाज को दबाने केलिये प्रदेश अध्यक्ष पर राज्य सरकार मुकदमा दर्ज करती है दूसरी ओर सत्ता पक्ष नंगा नाच कर रहा।
कहा कि यह तानाशाही रवैया सरकार को समाप्त करना होगा अन्यथा भाजपा आंदोलन करने को मजबूर होगी। प्रशासन ऐसे दलों पर कार्रवाई करे।



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