झारखंड में भी मिले उत्तराखंड जैसी पुरानी मतदाता सूची खोजने की सुविधा - झारखंड मुक्ति मोर्चा

झामुमो ने निर्वाचन आयोग से की मांग : वर्ष 2003 की मतदाता सूची और बूथ मैपिंग ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाय

Jun 13, 2026 - 21:28
झारखंड में भी मिले उत्तराखंड जैसी पुरानी मतदाता सूची खोजने की सुविधा - झारखंड मुक्ति मोर्चा

 झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भारत निर्वाचन आयोग से झारखंड के मतदाताओं को उत्तराखंड की तर्ज पर पुरानी मतदाता सूचियों और बूथ मैपिंग संबंधी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया है।
11 जून 2026 को भेजे गए पत्र में झामुमो ने कहा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभियानों के माध्यम से मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध, समावेशी और अद्यतन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मतदाताओं को सूचनाओं तक सहज पहुंच और पारदर्शी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि उत्तराखंड निर्वाचन विभाग ने अपनी वेबसाइट पर वर्ष 2003 की विधानसभा निर्वाचक नामावली से संबंधित अभिलेखों की खोज और सत्यापन के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मतदाता नाम के आधार पर खोज, वर्ष 2003 के ईपीआईसी नंबर के आधार पर खोज, गांव-मोहल्ला-क्षेत्रवार खोज, पुरानी मतदाता सूची की पीडीएफ डाउनलोड करने तथा अन्य राज्यों की अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में नाम खोजने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
झामुमो ने कहा कि उत्तराखंड में वर्ष 2003 और वर्ष 2025 के मतदान केंद्रों की तुलना के लिए जिला-वार बूथ मैपिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मतदाता अपने पुराने और वर्तमान मतदान केंद्रों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
पार्टी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर फिलहाल इस प्रकार की व्यापक और उपयोगकर्ता-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण मतदाताओं को पुरानी मतदाता सूचियों में अपना नाम खोजने, ऐतिहासिक निर्वाचक अभिलेखों तक पहुंचने तथा मतदान केंद्रों में हुए परिवर्तनों की जानकारी प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
झामुमो ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि झारखंड में भी उत्तराखंड मॉडल के अनुरूप डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाए। इसके तहत नाम और ईपीआईसी नंबर के आधार पर खोज, गांव एवं क्षेत्रवार खोज, वर्ष 2003 की मतदाता सूची की पीडीएफ डाउनलोड सुविधा, अन्य राज्यों की अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा तथा जिला-वार पुराने और वर्तमान मतदान केंद्रों की तुलनात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
पार्टी का कहना है कि ऐसी व्यवस्था झारखंड के मतदाताओं को सशक्त बनाएगी, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाएगी और निर्वाचन प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत करेगी। झामुमो ने निर्वाचन आयोग से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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