जापान से अंडर-18 एशिया कप में कांस्य पदक लेकर लौटीं सिमडेगा की बेटियों पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी का स्वागत
अंडर-18 एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर पुष्पा मांझी कुरडेग प्रखंड की पहली अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनी
जापान में 29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता। इस टीम में सिमडेगा जिले की दो बेटियां पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी भी शामिल थीं। दोनों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत की जीत में अहम योगदान दिया। टूर्नामेंट से लौटने के बाद दोनों खिलाड़ियों का अपने गृह जिले सिमडेगा में लगातार स्वागत हो रहा है। इसी कड़ी में पुष्पा मांझी के जन्मस्थल कुरडेग प्रखंड के हेठमा पंचायत अंतर्गत आसनबेड़ा गांव में ग्रामीणों और गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच के पदाधिकारियों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका भव्य स्वागत किया।
जन्म स्थली कुरडेग प्रखंड के आसनबेडा में भी किया गया भव्य स्वागत
स्वागत के लिए गांव के युवाओं ने सिमडेगा कुरडेग मुख्य पथ से ही दोनों खिलाड़ियों को मोटरसाइकिल रैली के साथ गांव के खेल मैदान तक लाया। यही वह मैदान है जहां से पुष्पा मांझी ने हॉकी की शुरुआत की थी। इसी मैदान पर सबसे पहले गोंडवाना विकास मंच द्वारा आयोजित बुजुर्ग दिवस खेल प्रतियोगिता में पुष्पा मांझी के प्रतिभा को कोच तारिणी कुमारी और कोषाध्यक्ष कमलेश्वर मांझी द्वारा पहचाना गया था। मैदान पर गांव की महिलाएं पहले से आदिवासी वेशभूषा में मौजूद थीं। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच तारिणी कुमारी, हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी और कोषाध्यक्ष कमलेश्वर मांझी भी पहुंचे। सभी का अंगवस्त्र, बुके और पौधा देकर सम्मान किया गया।
आसनबेड़ा गांव में ही संचालित स्कूल के मैदान से ही पुष्पा की हॉकी यात्रा शुरू हुई थी। इसी मैदान से निकलकर वह गोंडवाना खेल छात्रावास, लचरागढ़ हॉकी सेंटर होते हुए अब सेंटर फॉर एक्सीलेंस तक पहुंची हैं, जहां वह हॉकी कोच तारिणी कुमारी से हॉकी के गुर सीख रही हैं। गांव की पुनीता मांझी और रीमा कुमारी भी इसी मैदान से निकलकर हॉकी सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं। पुनीता कई बार झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
पुष्पा की मां हीरामणि देवी ने कहा कि शुरुआत में जब यह खेलने जाती थी तो डांटती थी कि पढ़ाई छोड़कर खेलने क्यों जाती है। लेकिन आज गर्व है कि बेटी भारत टीम से खेलकर मेरा और गांव का नाम रोशन कर रही है। गांव के हीराधार मांझी ने बताया कि पहले मैदान उबड़-खाबड़ था, लेकिन बच्चों को लगातार प्रोत्साहित किया। आज देखकर खुशी होती है कि इसी मैदान से निकली बेटी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। इससे आसपास के बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी। संदीपा कुमारी के पिता रंजीत मांझी, जो केरसई प्रखंड के करंगागुड़ी नवाटोली के रहने वाले हैं, भी समारोह में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कई परेशानियों के बावजूद बेटी बड़ी बहन संगीता को देखकर रोज मैदान जाती थी और आज भारतीय टीम तक पहुंच गई।
हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने कहा कि कुरडेग प्रखंड ने 1975 के विश्व कप में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे अर्जुन पुरस्कार विजेता माइकल किंडो जैसे ओलंपियन दिए हैं। लेकिन अब तक इस प्रखंड से कोई महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नहीं निकली थी। पुष्पा मांझी ने अंडर-18 एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर इस सपने को सच कर दिखाया। आसनबेड़ा जैसे गांव में सुविधाएं कम हैं, फिर भी यहां से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल रहे हैं। पिछले 8-10 साल से यहां आयोजित गोंडवाना विकास मंच द्वारा आयोजित बुजुर्ग दिवस और अन्य कार्यक्रमों में आ रहा हूं। यहां के बच्चे मेहनत करते हैं और नियमित प्रतियोगिताओं से प्रोत्साहित होते हैं। यदि और सुविधा मिले तो और बच्चे आगे बढ़ेंगे, इसके लिए हमलोग प्रयासरत हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गोंडवाना विकास मंच के संरक्षक सह हॉकी सिमडेगा के कोषाध्यक्ष कमलेश्वर मांझी ने कहा कि जिस भूमि से ये खिलाड़ी निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं, आज उसी भूमि पर उनका सम्मान होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। इससे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा और प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच के अध्यक्ष रामचंद्र मांझी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए दोनों खिलाड़ियों को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में हेठमा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी, रामचंद्र मांझी, राजेश्वर प्रधान, गायत्री बेसरा, शांति देवी, गजेंद्र मांझी, रविंद्र मांझी, जगदीश मांझी, उमेश बेसरा,अशोक बेसरा, शंकर मांझी, कमलेश्वर मांझी, हीराधर मांझी, भुनेश्वर बेसरा, राजू मांझी, जयनंदन मांझी, रघुनाथ मांझी, दीपक मांझी, अनुज बेसरा सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, ग्रामीण एवं समाज के गणमान्य उपस्थित थे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0











