बिहार के सभी थानों में 30 दिन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फोरेंसिक रिपोर्ट और स्पीडी ट्रायल में भी तेजी

गृह विभाग ने राज्य के सभी थानों में 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट के जल्द निष्पादन और स्पीडी ट्रायल में तेजी लाने पर जोर दिया गया है।

Oct 6, 2026 - 12:07
बिहार के सभी थानों में 30 दिन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फोरेंसिक रिपोर्ट और स्पीडी ट्रायल में भी तेजी

पटना: बिहार के सभी थानों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। गृह विभाग ने राज्य के सभी थानों में अगले 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा सक्रिय करने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पुलिसिंग में तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ेगा तथा थाना स्तर से जिला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे वीडियो माध्यम से संपर्क संभव हो सकेगा।

गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को यह निर्देश दिया। उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा है।

थानों की जिला और वरिष्ठ अधिकारियों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा शुरू होने के बाद थानों को जिला स्तर के कार्यालयों और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से वीडियो माध्यम के जरिए जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा, अधिकारियों के साथ तत्काल संवाद और जरूरी निर्देशों के अनुपालन की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

किसी मामले में तत्काल जानकारी लेने या किसी विशेष निर्देश को लागू कराने के लिए अधिकारियों को बार-बार भौतिक बैठक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट का जल्द होगा निष्पादन

समीक्षा बैठक में लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट के मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। गृह विभाग के प्रधान सचिव ने लंबित रिपोर्ट का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

फोरेंसिक रिपोर्ट जांच और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर कई मामलों की जांच आगे बढ़ने में समय लगता है। ऐसे में विभाग ने लंबित रिपोर्टों को जल्द पूरा कराने और जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकने पर जोर दिया है।

स्पीडी ट्रायल में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में स्पीडी ट्रायल को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

सरकार का उद्देश्य गंभीर मामलों में जांच, साक्ष्य जुटाने और न्यायिक प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं की लगातार होगी समीक्षा

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की लगातार समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे करने को कहा गया है।

सभी थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा लागू करने की योजना को बिहार की पुलिस व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के जरिए थाना स्तर से लेकर जिला और राज्य स्तर तक पुलिस प्रशासन के बीच संवाद और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

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