सीएमपीडीआई द्वारा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

सीएमपीडीआई द्वारा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

रांची। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में सीएमपीडीआई द्वारा विवांता ताज, गुवाहाटी में पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में कोयला गवेषण पर एक कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्षेत्र के सतत विकास के लिए एनईआर की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने हेतु एनईआर में कोयला गवेषण की गति बढ़ाने, माइन प्रोजेक्शन और कोयले के व्यवस्थित उत्पादन के लिए संभावित क्षेत्र की पहचान करने के लिए संसाधन आकलन के लिए कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया।कार्यशाला को तीन सत्रों में विभाजित किया गया था। प्रथम सत्र उद्घाटन सत्र था, जिसमें इस कार्यशाला सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया गया। सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  मनोज कुमार, कोयला मंत्रालय के सलाहकार (प्रोजेक्ट्स) आनंदजी प्रसाद एवं सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी/ईएस) एसके गोमास्ता ने वर्चुअली सम्बोधित किया। दूसरे तकनीकी सत्र में तीन पेपर प्रस्तुत किए गए यथा ‘एनईआर के कोयला क्षेत्र और कोयला संसाधन’, ‘एनईआर में कोयला गवेषण और चुनौतियां’ और ‘कोयला संसाधन अनुमान’। तीसरे सत्र में ‘कोयला अन्वेषण के लिए ड्रिलिंग तकनीक, गवेषण के लिए कोयला ब्लॉकों की निविदा और एनईआर में कोयला गवेषण में वित्त पोषण के लिए सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम (सीसीएस) के बारे में विचार-विमर्श किया गया। चौथा सत्र एक खुला चर्चा-सह-समापन समारोह था। कार्यक्रम के समापन के बाद वर्ष 2022-23 और उसके बाद से कोयला गवेषण की शुरूआत कोयला मंत्रालय के सीएसएस फंड के उचित उपयोग के लिए राज्य-वार एक रोड मैप तैयार किया गया।इस कार्यशाला में जीएसआई-असम के उप महानिदेशक सिलादित्य सेनगुप्ता, जीएसआई-कोलकाता के उप महानिदेशक डॉ. अंजन राय चौधरी, जीएसआई-कोलकाता के निदेशक डॉ. सुदीप भट्टाचार्या, जीएसआई के निदेशक डॉ.देबाश्री प्रताप सिंह, सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (गवेषण)  वीके श्रीवास्तव, एमईसीएल  के महाप्रबंधक (गवेषण) एम भास्करन, 5 राज्य सरकारों के डीजीएम, एनईआर और सीएमपीडीआई के उप महाप्रबंधक तथा अन्य प्रख्यात भू-वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
सीएमपीडीआई के मुख्य प्रबंधक (भूविज्ञान) राजीवा सिंह, मुख्य प्रबंधक (ईएंडएम) ब्रतिन बसु, प्रबंधक (भूविज्ञान) आरपी सिंह, प्रबंधक (भूविज्ञान) पंकज साहु, उप प्रबंधक (भूविज्ञान) विद्युत महतो ने गुवाहाटी में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पूर्वात्तर क्षेत्र में कोयला गवेषण की गति में वृद्धि हो सकती है।