मोतिहारी में 13 करोड़ के पुल का संपर्क पथ उद्घाटन के 20 दिन बाद टूटा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

मोतिहारी: जिले में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल के संपर्क पथ के उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर टूटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच कराने की मांग की है।

Sep 20, 2026 - 16:39
Sep 20, 2026 - 17:33
मोतिहारी में 13 करोड़ के पुल का संपर्क पथ उद्घाटन के 20 दिन बाद टूटा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

मोतिहारी:- जिले में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल के संपर्क पथ के उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर टूटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच कराने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि यह पुल बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत तैयार कराया गया था। पुल का शिलान्यास नीतीश कुमार ने किया था। अपने शासनकाल की अंतिम यात्रा, समृद्धि यात्रा के दौरान उन्होंने इस पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया था।

पुल का निर्माण पूरा होने के बाद 1 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोतिहारी के गांधी मैदान से रिमोट के जरिए इसका उद्घाटन किया था। लेकिन उद्घाटन के करीब 20 दिन बाद ही पुल का संपर्क पथ क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए किसी निर्माण का इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त होना गंभीर मामला है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मौके पर जांच कराकर टूटे संपर्क पथ की स्थिति और निर्माण में इस्तेमाल हुई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत गिरी और वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह समेत स्थानीय लोगों ने भी मामले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में मानकों का पालन किया गया था, तो उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद संपर्क पथ के टूटने की वजह स्पष्ट होनी चाहिए।

अब सवाल यह है कि करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल के संपर्क पथ के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने की वजह क्या है? क्या निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ था या फिर बारिश, जलजमाव अथवा किसी तकनीकी कारण से सड़क क्षतिग्रस्त हुई? इन सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल पुल के संपर्क पथ के टूटने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।

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