नियुक्ति हेतु प्रकाशित गजट में खतियानधारी ओबीसी वर्गों को वंचित करने का साजिश – देवेंद्र नाथ महतो

सरकार गजट पर पुनर्विचार करे , अन्यथा झारखंड के छात्र फिर सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।

नियुक्ति हेतु प्रकाशित गजट में खतियानधारी ओबीसी वर्गों को वंचित करने का साजिश – देवेंद्र नाथ महतो

रांची:

झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी करने के लिए संशोधित नई नियुक्ति नियमावली प्रकाशित किया है । जिसपर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि छात्रों द्वारा शहीद निर्मल महतो के बलिदान दिवस पर “अगस्त क्रांति”, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर बेरोजगारी दिवस तथा 12 अगस्त को जमशेदपुर में छात्रों का प्रदर्शन के फलस्वरूप पड़ी दबाव से सरकार ने नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी करने के लिए गजट प्रकाशित किया। इसके लिए सरकार धन्यवाद के पात्र हैं। लेकिन यह गजट बहुत त्रुटिपूर्ण है । सरकार के खुद के वादा के विपरित है । इस गजट में खतियान आधारित नियोजन नीति और ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को नजरंदाज किया गया है । इस गजट के आधार पर खतियान धारी , झारखंडी ओबीसी वर्गों को सरकारी नौकरी से वंचित रखने तथा झारखंड से मैट्रिक इंटर करने वाले बाहरी छात्रों को झारखंड राज्य में स्थापित करने की साजिश है। यह गजट झारखंड के शहीदों के अरमानों के विपरित है । सरकार गजट पर पुनर्विचार करे , अन्यथा झारखंड के छात्र फिर सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस गजट में खतियान आधारित नियोजन नीति को दरकिनार करते हुए मैट्रिक/इंटर आधारित नियोजन नीति लागू किया गया । इससे बाहर राज्य से मैट्रिक/इंटर पढ़ने वाले खतियान धारी ओबीसी कृमिलियर तथा सामान्य वर्गों के अनारक्षित श्रेणी के अभ्यार्थी वंचित हो जाएंगे तथा गैर खतियान धारी झारखंड से मेट्रिक/इंटर पढ़ने वाले अभ्यार्थी झारखंड के अनारक्षित श्रेणी के सीट पर काबिज हो जायेंगे। इस तरह झरखंडीयों का शोषण जारी रहेगा।
52 प्रतिशत ओबीसी वर्गों के लिए मात्र 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है । गैर आरक्षित सीटों के लिए झारखंड से मैट्रिक इंटर पढ़ने वाले सभी बाहरी अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा इससे सबसे ज्यादा नुकसान झारखण्ड के खतियान धारी ओबीसी वर्ग को होगा।