ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों में पशु बाजार व्यवस्था पुनः बहाल किया जाए: बंधु तिर्की

मानसून के आगमन के साथ ही राज्य के किसान कृषि कार्य में जुट गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों में पशु बाजार व्यवस्था पुनः बहाल किया जाए: बंधु तिर्की

रांची। कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजार में पशु बाजार व्यवस्था पुनः बहाल करने की मांग की है। श्री तिर्की ने अपने पत्र में कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के हाट- बाजारों में पूर्व में पशु बाजार की व्यवस्था थी, जिसमें किसान अपने पसंद का हल- बैल खरीद कर कृषि कार्य करते थे और कृषि कार्य समाप्त होने के पश्चात उसे पुनः बाजार में बेच देते थे। ग्रामीण किसानों के बीच गाय, बैल, बकरी पालने की सदियों पुरानी परंपरा रही है। जिससे नगदी के तौर पर इस्तेमाल उनके द्वारा किसी विपरीत परिस्थिति में किया जाता रहा है, जब घर का कोई सदस्य बीमार पड़ जाए, बच्चे का स्कूल, कॉलेज में एडमिशन,बेटी की शादी हो तो पशु को बेच कर अपने समस्या का निराकरण कर लिया करते थे। लेकिन भाजपानीत पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अपने राजनीतिक एजेंडा के तहत इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। जिससे सबसे अधिक नुकसान सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले किसानों, आदिवासियों को हुआ है। जिनके यहां सदियों से पशुधन पालने की परंपरा रही है। मानसून के आगमन के साथ ही राज्य के किसान कृषि कार्य में जुट गए हैं। खेतों की जुताई के लिए अधिकतर ग्रामीण किसान आज भी हल-बैल का उपयोग करते हैं। लेकिन उन्हें हल-बैल खरीद बिक्री करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि यह गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम-2005 के अंतर्गत नहीं आता है। परंतु पिछले कुछ वर्षों से कई जिलों में तथाकथित संगठनों एवं पुलिस द्वारा पकड़कर मनगढ़ंत निराधार आरोप लगाकर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ित किया जाता है और मोटी रकम की वसूली की भी बातें अखबारों के माध्यम से देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा पत्रांक-5 (पी.)(1) नि./विविध पत्राचार/29/2015 प. 78 दिनांक 27/01/2021 को पशुओं के परिवहन की अनुमति दी है। जिसे राज्य सरकार द्वारा अक्षरश: पालन करवाते हुए संबंधित जिला के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया जाए।