बिहार में खनिज अन्वेषण और ई-नीलामी को मिलेगी रफ्तार, नीलाम ब्लॉकों में जल्द उत्पादन शुरू कराने का निर्देश

पटना: बिहार में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नीलाम किए गए ब्लॉकों में जल्द उत्पादन शुरू कराने पर जोर दे रही है। इसको लेकर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

Nov 3, 2026 - 09:57
बिहार में खनिज अन्वेषण और ई-नीलामी को मिलेगी रफ्तार, नीलाम ब्लॉकों में जल्द उत्पादन शुरू कराने का निर्देश

पटना: बिहार में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नीलाम किए गए ब्लॉकों में जल्द उत्पादन शुरू कराने पर जोर दे रही है। इसको लेकर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), बिहार इकाई, पटना के उप महानिदेशक तथा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान राज्य में खनिज अन्वेषण गतिविधियों, प्रमुख खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी और नीलाम ब्लॉकों में उत्पादन शुरू करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

खनिज क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर

बैठक के दौरान मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, पारदर्शी और समयबद्ध दोहन के लिए प्रतिबद्ध है। खनिज अन्वेषण से लेकर ई-नीलामी और उत्पादन शुरू करने तक की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि राज्य में निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर पैदा हो सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनिज ब्लॉकों से जुड़ी आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए। सरकार का उद्देश्य खनिज संपदा का बेहतर उपयोग कर राज्य के आर्थिक विकास को गति देना है।

रोहतास और गया के खनिज ब्लॉकों की समीक्षा

बैठक में रोहतास जिले के प्रमुख खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी और विकास की स्थिति की समीक्षा की गई। इनमें पिपराडीह-भुरवा ग्लूकोनाइट ब्लॉक, चुटिया-नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक और भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लॉक शामिल हैं।

इसके अलावा गया जिले में नीलाम किए गए गेंजाना निकेल-क्रोमियम एवं पीजीई ब्लॉक में उत्पादन और खनिज प्रेषण की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने निर्देश दिया कि इन ब्लॉकों में उत्पादन और प्रेषण जल्द शुरू कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ई-नीलामी का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब खनिज ब्लॉकों में समय पर उत्पादन शुरू होगा। इस दिशा में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी पर भी चर्चा

बैठक में बिहार में पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी की प्रगति और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि पारदर्शी ई-नीलामी और वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से ही राज्य की खनिज संपदा का संतुलित और टिकाऊ विकास संभव है।

उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से खनिज अन्वेषण कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

समयबद्ध प्रक्रिया से राज्य को मिलेगा लाभ

बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी और उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो। सरकार का मानना है कि इससे खनन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।

बिहार सरकार खनिज क्षेत्र को पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारपरक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

प्रमुख बिंदु:

  • रोहतास के ग्लूकोनाइट और लाइमस्टोन ब्लॉकों की समीक्षा

  • गया के निकेल-क्रोमियम एवं पीजीई ब्लॉक में उत्पादन पर जोर

  • पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया को गति देने की तैयारी

  • नीलाम ब्लॉकों में जल्द उत्पादन और प्रेषण शुरू कराने का निर्देश

  • खनिज क्षेत्र में निवेश, रोजगार और राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य

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