बिहार के सबसे बड़े हड्डी अस्पताल में अब रोबोट करेगा ऑपरेशन, मरीजों को मिलेगी आधुनिक सर्जरी की सुविधा

पटना: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) ऑर्थोपेडिक अस्पताल में जल्द ही रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल में दो रोबोटिक उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इससे हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को अधिक सटीक इलाज और बेहतर सर्जिकल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

Nov 3, 2026 - 10:20
बिहार के सबसे बड़े हड्डी अस्पताल में अब रोबोट करेगा ऑपरेशन, मरीजों को मिलेगी आधुनिक सर्जरी की सुविधा

पटना: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) ऑर्थोपेडिक अस्पताल में जल्द ही रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल में दो रोबोटिक उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इससे हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को अधिक सटीक इलाज और बेहतर सर्जिकल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन की सटीकता बढ़ेगी। इससे मरीजों को कम दर्द, कम परेशानी और तेजी से रिकवरी में मदद मिल सकती है।

रोबोटिक सर्जरी के साथ आधुनिक उपकरण भी होंगे उपलब्ध

अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी के अनुसार, रोबोटिक उपकरणों के साथ लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इनकी मदद से ऑपरेशन अधिक सटीक तरीके से किए जा सकेंगे।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से छोटे चीरे के जरिए सर्जरी करने, मरीजों की परेशानी कम करने और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ऑपरेशन के लिए मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार

फिलहाल अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने और ऑपरेशन की सीमित व्यवस्था के कारण सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सारण निवासी राजकुमार ने बताया कि उनकी मां सड़क हादसे में घायल हुई हैं। उन्हें 22 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ा।

अस्पताल में वर्तमान में प्रतिदिन करीब दो से तीन सर्जरी हो पा रही हैं। ऐसे में रोबोटिक उपकरणों की उपलब्धता से ऑपरेशन की क्षमता बढ़ने और मरीजों को समय पर इलाज मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जिला अस्पतालों में भी बढ़ रहीं सर्जिकल सुविधाएं

राज्य सरकार जिला और अनुमंडल अस्पतालों में भी सर्जिकल सुविधाओं का विस्तार कर रही है। करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से 50 श्रेणियों के 1,947 सर्जिकल उपकरण लगाए जा रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • 772 ऑर्थोपेडिक सर्जरी के उपकरण

  • 529 सामान्य सर्जरी के उपकरण

  • 502 प्रसूति ऑपरेशन से जुड़े उपकरण

  • 144 लेबर रूम के उपकरण

15 अक्टूबर तक 950 से अधिक उपकरण स्थापित किए जा चुके थे।

जिला अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री सचिवालय की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिला और अनुमंडल अस्पतालों में जून महीने में 2,428 ऑपरेशन हुए थे। सितंबर में यह संख्या बढ़कर 8 हजार से अधिक हो गई।

इसके साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध सर्जरी सेवाओं की संख्या 36 से बढ़कर 45 प्रकार तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग अब 76 प्रकार की सर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज देने का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मरीजों को उनके जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाना है।

सरकार की इस पहल से पटना के प्रमुख हड्डी अस्पताल में आधुनिक सर्जरी की सुविधा बढ़ने के साथ जिला अस्पतालों में भी इलाज की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

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