बिहार के 13 विश्वविद्यालयों में सीनेट-सिंडिकेट के नए सदस्यों का मनोनयन, राज्यपाल ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

बिहार के 13 विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के नए सदस्यों का मनोनयन राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने किया है। राज्यपाल सचिवालय ने बुधवार को अधिसूचना जारी की। मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। इसके अलावा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय समेत 14 विश्वविद्यालयों की विभिन्न समितियों में भी नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

Oct 8, 2026 - 12:39
बिहार के 13 विश्वविद्यालयों में सीनेट-सिंडिकेट के नए सदस्यों का मनोनयन, राज्यपाल ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

पटना: बिहार के 13 विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के नए सदस्यों का मनोनयन किया गया है। राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन की ओर से सदस्यों का मनोनयन किया गया। इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय की ओर से बुधवार को अधिसूचना जारी की गई है। मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।

अधिसूचना के अनुसार पटना विश्वविद्यालय में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रो. अशोक सिंह और मगध विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. मनीष सिन्हा को सीनेट सदस्य बनाया गया है। वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की प्रो. छाया सिन्हा को सिंडिकेट सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में प्रो. मंजु कुमारी, प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता और प्रो. बिजेंद्र कुमार को सीनेट सदस्य तथा प्रो. रंजना सिंह को सिंडिकेट सदस्य बनाया गया है। एलएनएमयू में प्रो. ललन कुमार झा, प्रो. दिलीप कुमार झा और प्रो. उमाशंकर चौधरी सीनेट सदस्य होंगे, जबकि प्रो. संगीता सिन्हा को सिंडिकेट सदस्य बनाया गया है।

तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में प्रो. सुधांशु शेखर झा, प्रो. उपेंद्र प्रकाश दास और प्रो. विनोद कुमार को सीनेट सदस्य तथा प्रो. गुलरेज रौशन रहमान को सिंडिकेट सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा मगध विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालयों में भी सीनेट और सिंडिकेट सदस्यों का मनोनयन किया गया है।

वहीं मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय और मुंगेर विश्वविद्यालय में भी नए सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय समेत 14 विश्वविद्यालयों की विभिन्न समितियों में भी सदस्यों का मनोनयन किया गया है।

अधिसूचना जारी होने के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालयों की समितियों में मनोनीत सदस्य निर्धारित जिम्मेदारियां संभालेंगे। इन सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।

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