इफको रांची ने किसानों को मटर एवं फ्रेंचबिन की उन्नत खेती की विधि बताई

किसानों को मटर फ्रेंचबिन के बुवाई पूर्व इनके बीजों को इफको नैनो डी ए पी  से शोधन करने की सलाह दी गई I

Jan 22, 2026 - 17:54
Jan 22, 2026 - 17:55
इफको रांची ने किसानों को मटर एवं फ्रेंचबिन की उन्नत खेती की विधि बताई

इफको रांची द्वारा नगडी प्रखंड के कतरपा गांव में एक किसान सभा का आयोजन किया गया I जिसमें सब्ज़ी उत्पादक किसानों के साथ वार्ता करते हुए  मटर एवं फ्रेंचबिन की खेती पर बात की गई l  किसानों को मटर फ्रेंचबिन के बुवाई पूर्व इनके बीजों को इफको नैनो डी ए पी  से शोधन करने की सलाह दी गई I इसके लिए प्रति किलो बीज को 5 मिली नैनो डी ए पी से शोधन कर आधा घंटा छाए में रखने के उपरांत बुवाई करने की बात बताई गई l ऐसा करने से सभी बीजों का समय से जमाव होता है और जड़ों को प्रारम्भिक अवस्था में ही नैनो डी ए पी के रूप में फास्फोरस मिलने से अधिक विकास होता है जो पौधे का मजबूत आधार बनाते हैं  और मजबूत मुख्य तना के बनने से फ़सल स्वस्थ और सुदृढ़ होता है I 
दोनों फसलों के जड़ मिट्टी में दी गई सभी पोषक पदार्थों का अच्छी तरह से अवशोषण करते हैं जिससे कायकीय विकास यानि अधिक शाखाओं का लगना कल्लों, पत्तियों का बनना सुनिश्चित होता है I 
इन फसलों में 25- 30 दिनों के बाद  एवं फूल निकलने के प्रारम्भिक अवस्था में नैनो डी ए पी एवं नैनो यूरिया के पत्तियों में स्प्रे करने की भी सलाह दी गई । इसके लिए प्रति लीटर पानी में दोनों का चार चार मिली मिलकर घोल बनाने की बात की गई। 
उन्हें यह भी सलाह दिया गया कि इन फसलों में दानेदार यूरिया का प्रयोग केवल शुरूआती अवस्था में हल्की मात्रा में करें I
यूरिया के ज्यादा प्रयोग फसलों पर विपरीत प्रभाव डालकर कई तरह के रोग और कीट को आमंत्रित करते हैं I मुख्य रूप से आप सभी किसान भाई भली भांति जानते हैं कि रस चूषक कीटों का प्रकोप से ये फ़सल कितना प्रभावित होते है साथ ही फफूंद जनित रोगों का भी आक्रांत अधिक होता है I
गोष्ठी में इफको प्रतिनिधी अमन सिंह, उर्वरक विक्रेता परमानंदजी सहित 55 किसानों ने अपनी सहभागिता निभाया।

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