जनमत का चीरहरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक , प्रजातंत्र बेड़ियों में है और देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था खतरे में -राजेश कच्छप ।

केंद्र सरकार द्वारा संविधान की धज्ज्यिं उड़ायी जा रही है, सरकार बनाने और बिगाड़ने में राजभवन पर दबाव डाला जा रहा है, हर जगह राजभवन का इस्तेमाल कर सत्ता हथियाने की कोशिश की जा रही है।

Jul 27, 2020 - 07:46
जनमत का चीरहरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक , प्रजातंत्र बेड़ियों में है और देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था खतरे में -राजेश कच्छप ।

‘लोकतंत्र बचाओ-संविधान बचाओ’ कार्यक्रम के तहत आज सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। भारत के संविधान और प्रजातंत्र एवं प्रजातांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, सांसद गीता कोड़ा, प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर,प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, राजेश गुप्ता छोटू, विधायक उमाशंकर अकेला, राजेश कच्छप, नेली नाथन, गुंजन सिंह, वरिष्ठ नेता अनादि ब्रह्म, वीपी शरण, प्रदीप तुलस्यान, गजेन्द्र प्रसाद सिंह,कुमार गौरव, निरंजन पासवान समेत अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।

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धरना स्थल पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में जब पूरी दुनिया इस संकट से निपटने के लिए संघर्षरत है, वैसे समय में भाजपा ने सत्ता हथियाने के लिए सारी हदें पार कर दी है। देश में आजादी के बाद यह पहली बार हो रहा है, जब राजभवन जैसे संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने का काम किया जा रहा है।

विधायक राजेश कच्छप ने कहा :

देश ने यह भी पहली बार देखा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां सीबीआई और ईडी का भी प्रयोग विरोधी दलों के नेताओं को डराने-धमकाने में की जा रही है। जनता यह भी देख रही है कि एक चुनी हुई सरकार जब राज्यपाल से विधानसभा सत्र आहूत करने का आग्रह करती है, तो राज्यपाल द्वारा आना-कानी किया जा रहा है। जनमत का इस तरह से चीरहरण लोकतांत्रिक व्यवस्था की सेहत के लिए ठीक नहीं है, प्रजातंत्र बेड़ियों में है और देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था खतरे में है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया देख रही है, देश की प्रजातांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं को तोड़ते हुए चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि जब किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है, तो सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का मौका दिया जाता है, लेकिन कर्नाटक में किस तरह से सरकार गिरायी गयी, मध्यप्रदेश में सरकार गिरायी गयी और राजस्थान में चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।इसी कारण देश के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आज लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ कार्यक्रम का आयोजन देशभर में किया जा रहा है।

पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या और संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने की घिनौनी हरकत की पार्टी निन्दा करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा नेताओं वाली एनडीए सरकार के इस कृत्य से पूरे देश में जनाक्रोश है।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह से हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने की कोशिश की गयी है, उससे भाजपा का असली चरित्र देश की जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने भाजपा को नकारने का काम किया, तो पिछले दरवाजे से सत्ता हथियाने की कोशिश की जा रही है।

कृषिमंत्री बादल ने कहा कि इस संकट की घड़ी में जब देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है, लोग बेरोजगार हो रहे है, उद्योग धंधे बंद हो रहे है, लोगों का रोजगार छिन गया है, वैसी स्थिति में मुश्किल में पड़े लोगों को मदद पहुंचाने की जगह भाजपा सत्ता हथियाने की घिनौनी कोशिश में जुटी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संविधान की धज्ज्यिं उड़ायी जा रही है, सरकार बनाने और बिगाड़ने में राजभवन पर दबाव डाला जा रहा है, हर जगह राजभवन का इस्तेमाल कर सत्ता हथियाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लड़ाई अब लंबी हो गयी है, संविधान में संघीय ढांचा को पूरी तरह से खत्म करके, हिटलरशाही व्यवस्था को लागू करने की कोशिश की जा रही है।

सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि कोरोना संकटकाल में भाजपा जिस खेल की शुरुआत की है, वह गलत है, लोकतंत्र का गला घोटने की कोशिश बंद होनी चाहिए और यह खेल नहीं बंद हुआ, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं राजेश ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार चीन से संघर्ष करने के बजाय कांग्रेस से लड़ने में ताकत लगा रही है और भारत की लोकतंत्र जो पूरी दुनिया में अनुकरणीय है, उसकी धज्जियां उड़ा रही है।

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि संविधान में यह स्पष्ट है कि राज्य मंत्रिपरिषद के आग्रह पर राज्यपाल विधानसभा का सत्र आहूत करने के लिए बाध्य है, लेकिन इसका भी पालन राजस्थान में नहीं हो पा रहा है।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शमशेर आलम, राजीव रंजन प्रसाद, कुमार राजा ने कहा कि जब देश में कोरोना संक्रमण के फैलाव का खतरा था, तो केंद्र सरकार को मध्य प्रदेश में सत्ता हथियाने के चक्कर में लॉकडाउन लागू नहीं कर विधानसभा सत्र आहूत करने की जल्दी थी, लेकिन जब राजस्थान में विधायक कांग्रेस के साथ है, तो केंद्र सरकार के इशारे पर विधानसभा सत्र आहूत करने के आग्रह को भी टाला जा रहा है, इससे साफ पता चलता है कि भाजपा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस नहस करना चाहती है।

सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया।धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डा राजेश गुप्ता छोटू ने किया।

राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन में विभिन्न नारे लिखे कई बैनर-पोस्टर लगे हुए थे, जिसमें लिखे थे- मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट की जल्दी थी, क्योंकि विधायक बीजेपी के कब्जे में थे, राजस्थान में फ्लोर टेस्ट नहीं कराएंगे,क्योंकि विधायक कांग्रेस के साथ है, भाजपा ने संविधान को सर्कस बना दिया है-क्या प्रजातंत्र दिल्ली दरबार की दासी है, कब तक जनमत का चीरहरण करोगे-क्या बहुमत दिल्ली के हाथों की कठपुतली है, क्या वोट के शासन के मायने नहीं है- अगर नहीं- तो मिलकर आवाज उठाये, प्रजातंत्र बेड़ियों में है और देश खतरे में है, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा हम करेंगे, क्या गर्वनर आर्टिकल-174 में विधानसभा सत्र बुलाने से इंकार कर सकते है, राज्यपाल अगर संविधान की रक्षा न करें- तो समझें भारतीय लोकतंत्र खतरे में है, भारत सरकार अगर प्रजातंत्र को रौंद डाले-तो समझे भारतीय लोकतंत्र खतरे में है, सत्य सत्ता की हवस की वेदी चढ़ता दिखे- तो समझें भारतीय लोकतंत्र खतरे में है, संविधान बचायें, देश बचायें, लोकतंत्र की रक्षा हो ,जनादेश की सुरक्षा हो, अब हर देशवासी का फर्ज है, प्रजातंत्र बचाये, देश बचायें के नारे लिखे थे।

कार्यक्रम के अंत में प्रदेश कांग्रेस कमिटि के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने गिरीडीह के जुझारु ,संघर्शील,कर्मठ उभरते हुए युवा नेता नरेन्द्र सिन्हा के आकस्मिक निधन पर शोक प्रस्ताव लाया एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि नरेंद्र सिन्हा के निधन से मन बहुत व्यथित है ।एक नौजवान उभरता हुआ नेता हमारे बीच से चला गया है उनकी कमी हमेशा पार्टी को खलेगी ।

आज के धरना व विरोध प्रदर्शन में जोनल को-आॅर्डिनेटर रमा खलखो, भीम कुमार, रांचीं महानगर अध्यक्ष, संजय पांडेय, ग्रामीण जिलाध्यक्ष, सुरेश बैठा, दुमका जिलाध्यक्ष श्यामल सिंह, हजारीबाग जिलाध्यक्ष, अवधेश सिंह, चतरा जिलाध्यक्ष प्रमोद दूबे, अनादि ब्रहृम, प्रदीप तुलस्यान, केएन त्रिपाठी, विनय सिन्हा दीपू,अजय सिंह, इशतेहाक अहमद टुन्नू, शशिभूषण राय, सुरेन्द्र सिंह, सुनील सिंह, जितेन्द्र त्रिवेदी, बेलस तिर्की, अर्चना मिश्रा, फिरोज रिज्वी मुन्ना , प्रिंस बट्ट, अजय शाहदेव, नरेन्द्र लाल गोपी, कंचन कुमारी, कंचन चैधरी, सुषमा हेमब्रम, सन्नी टोप्पो, राकेश सिन्हा,वारिश कुरैशी, अख्तर अली, नसीम, उमर खान,आदि कांग्रेसजन शामिल थे।

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