हाजिरी बनाकर गायब मिलने वाले शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई, बिहार के टीचर्स के लिए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की सख्त चेतावनी
GOPALGANJ : बिहार के सरकारी स्कूलों में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है. जुलाई महीने से राज्यभर के सभी सरकारी विद्यालयों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे. यदि कोई शिक्षक उपस्थिति दर्ज कराने के बाद स्कूल से गायब मिलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
संयुक्त टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगी
गोपालगंज पहुंचे बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जुलाई से पूरे राज्य में व्यापक जांच अभियान शुरू किया जाएगा. इस दौरान शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगी. निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी.
नियमानुसार सख्त कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ शिक्षक स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद बिना पढ़ाए ही चले जाते हैं. सरकार ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि कोई शिक्षक हाजिरी बनाकर अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए.
अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार लापरवाही करने वाले शिक्षकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. जरूरत पड़ने पर ऐसे शिक्षकों की सेवा भी समाप्त की जा सकती है. सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
शिक्षकों की कई लंबित मांगों पर भी काम
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की कई लंबित मांगों पर भी काम किया है. विशेष रूप से स्थानांतरण जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान किया गया है. ऐसे में अब शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं.
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी जानकारी है कि किन क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है. शिक्षा विभाग लगातार इन कमियों को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है. राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.
किसी भी तरह का समझौता नहीं
शिक्षा मंत्री ने दो टूक कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि जांच अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना भी है.
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