बीआईटी मेसरा में ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन पर पांच दिवसीय कार्यशाला, ऊर्जा सिमुलेशन और ईसीएसबीसी अनुपालन पर होगा फोकस

Aug 31, 2026 - 18:20
बीआईटी मेसरा में ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन पर पांच दिवसीय कार्यशाला, ऊर्जा सिमुलेशन और ईसीएसबीसी अनुपालन पर होगा फोकस

रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा के वास्तुकला एवं योजना विभाग की ओर से “ऊर्जा सिमुलेशन के साथ ग्रीन बिल्डिंग डिज़ाइन” विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 1 सितंबर से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, झारखंड और झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (JREDA) के सहयोग से किया जा रहा है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता, टिकाऊ डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना है। भवन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर ऊर्जा खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल करता है। ऐसे में ऊर्जा की बचत करने वाले और पर्यावरण के अनुकूल भवनों की डिजाइनिंग की समझ विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ऊर्जा सिमुलेशन, थर्मल कंफर्ट, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ECSBC (Energy Conservation and Sustainable Building Code) के अनुरूप भवन डिजाइन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम में देश-विदेश के अनुभवी विशेषज्ञ और वास्तुकला एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र से जुड़े पेशेवर अपने व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा करेंगे। प्रमुख वक्ताओं में इंटरनेशनल एनर्जी एफिशिएंसी एक्सपर्ट पी.सी. थॉमस, सस्टेनेबिलिटी आर्किटेक्ट तन्मय तथागत और बांस वास्तुकला की विशेषज्ञ नीलम मंजूनाथ शामिल हैं। इनके अलावा अन्य विशिष्ट विशेषज्ञ भी कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

विशेष रूप से वास्तुकला और योजना के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी। प्रतिभागियों को Building Energy Simulation के साथ-साथ थर्मल कंफर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान DesignBuilder और EnergyPlus जैसे उन्नत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा।

इससे छात्रों को न केवल टिकाऊ भवन डिजाइन की अवधारणाओं को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक डिजिटल और ऊर्जा सिमुलेशन तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।

आयोजकों के अनुसार, यह कार्यशाला भविष्य के वास्तुकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सतत वास्तुकला एवं ऊर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप डिजाइन तैयार करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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