MLC चुनाव में हार के बाद JDU में हलचल तेज, आज पटना में बड़ी बैठक; BJP से तालमेल और संगठन की कमजोरियों पर होगा मंथन
पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव परिणामों की समीक्षा और हार के कारणों का पता लगाने के लिए 5 नवंबर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार और संबंधित जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और NDA के सहयोगी दल BJP के साथ तालमेल जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव परिणामों की समीक्षा और हार के कारणों का पता लगाने के लिए 5 नवंबर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार और संबंधित जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और NDA के सहयोगी दल BJP के साथ तालमेल जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
तीन सीटों पर हार ने बढ़ाई पार्टी की चिंता
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर हुए चुनाव में JDU ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें पार्टी को केवल पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत मिली, जहां पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपनी सीट बरकरार रखी। वहीं, बाकी तीन सीटों पर JDU उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से JDU के पुष्कर आनंद को निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने हराया। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में JDU के अभिषेक झा को निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी से हार मिली। वहीं, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से JDU के घनश्याम राय को जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार एसपी राय ने शिकस्त दी।
संजय झा और उमेश कुशवाहा करेंगे बैठक की अध्यक्षता
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा करेंगे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव में उतरे उम्मीदवारों और संबंधित जिलों के जिला अध्यक्षों को भी बुलाया गया है। जिला अध्यक्षों से चुनावी प्रदर्शन की रिपोर्ट लेकर आने को कहा गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति का आकलन किया जा सके।
बैठक में यह जानने की कोशिश होगी कि किन क्षेत्रों में पार्टी का संगठन कमजोर रहा और चुनाव प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं की भूमिका कैसी रही। साथ ही मतदाताओं तक पार्टी की बात पहुंचाने में कहां कमी रह गई, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
BJP के साथ तालमेल पर भी उठ सकते हैं सवाल
MLC चुनाव में हार के बाद JDU और BJP के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। खासकर सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीट के नतीजों ने गठबंधन के भीतर सवाल खड़े किए हैं।
चुनाव में JDU उम्मीदवारों को हराने वाले निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की BJP नेताओं के साथ नजदीकी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। JDU के कुछ नेताओं ने चुनाव के दौरान सहयोगी दलों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात उठाई है। ऐसे में समीक्षा बैठक में NDA के भीतर आपसी सहयोग और चुनाव प्रचार के दौरान समन्वय की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।
बागी नेताओं पर कार्रवाई का भी मुद्दा
बैठक में पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहे नेताओं और चुनाव के दौरान बागी रुख अपनाने वालों के मामले पर भी चर्चा हो सकती है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि समीक्षा के बाद पार्टी अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।
पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य चुनावी हार के कारणों की पहचान करने के साथ संगठन में अनुशासन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करना है।
शाम को NDA की भी होगी अहम बैठक
इसी बीच बिहार में NDA की भी एक महत्वपूर्ण बैठक 5 नवंबर को प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शाम 6 बजे लोक सेवक आवास पर होने वाली इस बैठक में गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। इसमें MLC चुनाव के परिणामों की समीक्षा के साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति और आपसी समन्वय पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल MLC चुनाव के नतीजों के बाद JDU के सामने संगठन को मजबूत करने और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखने की चुनौती है। अब सबकी नजरें समीक्षा बैठक पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व हार के लिए किन कारणों को जिम्मेदार मानता है और आगे की रणनीति में क्या बदलाव करता है।
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