सीयूएसबी के कृषि विभाग द्वारा मशरूम उत्पादन एवं स्वरोजगार पर आयोजित चार दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न
दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड डेवलपमेंट के कृषि विभाग द्वारा कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के दिशा-निर्देश में आयोजित “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं स्वरोजगार” विषय पर आयोजित चार दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया |
गया जी । दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड डेवलपमेंट के कृषि विभाग द्वारा कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के दिशा-निर्देश में आयोजित “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं स्वरोजगार” विषय पर आयोजित चार दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया | जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों में दक्ष बनाना तथा कृषि आधारित स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना था। समापन समारोह में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड डेवलपमेंट के अधिष्ठाता प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह ने प्रतिभागी किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कृषि आधारित स्वरोजगार का एक प्रभावी विकल्प है। इसके माध्यम से कम भूमि एवं सीमित संसाधनों में भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी कौशल को अपने गांवों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शशि प्रकाश विश्वकर्मा ने चार दिवसीय प्रशिक्षण की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन के लिए कच्चे माल का चयन, कम्पोस्ट एवं सब्सट्रेट तैयार करना, स्पॉन (बीज) का उपयोग, बैग भरने की प्रक्रिया, उत्पादन कक्ष का प्रबंधन, तापमान एवं आर्द्रता का रखरखाव, मशरूम की तुड़ाई, प्रसंस्करण एवं विपणन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण की सह-समन्वयक डॉ. दिव्या श्री दत्ता ने मशरूम उत्पादन की विभिन्न वैज्ञानिक विधियों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे वे स्वयं मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं कौशल प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
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