पटना में 11वें आयुर्वेद दिवस पर विशेष कार्यक्रम, आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
पटना: पटना के ज्ञान भवन में 11वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य आयुष समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पटना: पटना के ज्ञान भवन में 11वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य आयुष समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री और मौजूद अधिकारियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। इस दौरान आयुर्वेद के महत्व और बदलते समय में इसकी उपयोगिता को लेकर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में कुमार रवि ने कहा कि आयुर्वेद में व्यक्ति के शरीर में वात, पित्त और कफ के संतुलन के आधार पर उपचार की पद्धति तय की जाती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है और आयुर्वेद में इसका विस्तार से अध्ययन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास कायम है और इस विश्वास को आगे बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आयुर्वेद भारत की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। सरकार आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक दिशा देने के साथ-साथ इसके प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार के आयुर्वेद कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा को और बेहतर बनाने के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बेहतर कार्य करने वाले आयुर्वेद चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



