निशा भगत के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, बाबूलाल मरांडी समेत तीन पूर्व CM ने दी श्रद्धांजलि

गुमला। आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से झारखंड में शोक की लहर है। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ऊरू बारडीह पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। सुबह से ही गांव में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। हर कोई अपनी प्रिय नेत्री को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहा था।

Nov 7, 2026 - 17:20
निशा भगत के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, बाबूलाल मरांडी समेत तीन पूर्व CM ने दी श्रद्धांजलि

गुमला। आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से झारखंड में शोक की लहर है। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ऊरू बारडीह पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। सुबह से ही गांव में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। हर कोई अपनी प्रिय नेत्री को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहा था।

इस दौरान झारखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, मधु कोड़ा और रघुवर दास भी निशा भगत को अंतिम विदाई देने पहुंचे। तीनों नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी भावुक नजर आए। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर मौजूद रहे और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

निशा भगत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने क्षेत्र में उनके सामाजिक और राजनीतिक जुड़ाव को दर्शाया। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा और लोगों की आंखें नम थीं।

वहीं, भारी भीड़ को देखते हुए कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था संभाली गई, ताकि अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

निशा भगत के निधन से उनके समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनका निधन क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

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