205 कोबरा परिसर में राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, वंदे मातरम्” की गूंज से गूंजा परिसर, वीरों को नमन और जनभागीदारी ने बढ़ाया राष्ट्रीय गौरव
गयाजी। 205 कोबरा वाहिनी परिसर में 15 अगस्त 2026 को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। समारोह का आयोजन कमांडेंट, 205 कोबरा श्री नरेश पंवार के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री अखिलेश कुमार यादव, श्री अजित कुमार, अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी, कार्मिक, केंद्रीय विद्यालय एवं मॉन्टेसरी स्कूल के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, परिजन तथा स्थानीय ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
राष्ट्रध्वज को सलामी, वीरों को श्रद्धांजलि
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कमांडेंट श्री नरेश पंवार ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति कर्तव्य, अनुशासन, एकता एवं सेवा भावना को स्मरण करने का अवसर है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं जवानों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
केंद्रीय विद्यालय, 205 कोबरा एवं मॉन्टेसरी स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, कविता-पाठ एवं लघु नाट्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। बच्चों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन ने समारोह में देशप्रेम एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को और प्रबल किया।
सामाजिक सरोकार का भी दिया संदेश
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 205 कोबरा द्वारा आसपास के ग्रामीणों एवं बच्चों के बीच मिठाइयां, वस्त्र एवं खिलौनों का वितरण किया गया। इस पहल से सुरक्षा बल एवं स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास, सहयोग एवं आत्मीयता और मजबूत हुई।
सप्ताहभर चला राष्ट्रभक्ति का अभियान
07 से 15 अगस्त 2026 तक “वंदे मातरम्” विषय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें “वंदे मातरम्” सामूहिक गायन, योग सत्र एवं “हर घर तिरंगा” रैली सहित विभिन्न राष्ट्रभक्ति एवं जनभागीदारी कार्यक्रम शामिल रहे।
समारोह का समापन “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं विकास के लिए सदैव समर्पित रहने के संकल्प के साथ हुआ। 205 कोबरा का यह आयोजन वीरों के बलिदान को नमन, राष्ट्रभक्ति के संस्कार और समाज के साथ सुरक्षा बलों के आत्मीय जुड़ाव का प्रेरणादायक प्रतीक बना।