‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी साजिश मामले में 4 ISIS ऑपरेटिव दोषी, NIA कोर्ट ने सुनाई 5-6 साल की सजा
नई दिल्ली: ‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी साजिश मामले में नई दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने चार ISIS ऑपरेटिव को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी, रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट को छह-छह साल तथा अफशान परवेज जराबी को पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।
नई दिल्ली:- ‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी साजिश मामले में नई दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने चार ISIS ऑपरेटिव को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी, रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट को छह-छह साल तथा अफशान परवेज जराबी को पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।
अदालत ने उमर निसार पर 36 हजार रुपये, रमीज अहमद लोन पर 31 हजार रुपये, तनवीर अहमद भट पर 23 हजार रुपये और अफशान परवेज जराबी पर 9 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। चारों को अदालत ने 17 सितंबर 2026 को दोषी करार दिया था।
ऑनलाइन प्रचार और युवाओं को जोड़ने का मामला
NIA के अनुसार, यह मामला 2021 में दर्ज किया गया था और ISIS से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने तथा संगठन में भर्ती करने की गतिविधियों से संबंधित है। जांच में भारत-केंद्रित ISIS प्रचार पत्रिका ‘Sawt-al-Hind’ यानी ‘The Voice of Hind’ की सामग्री तैयार करने, प्रकाशित करने और ऑनलाइन प्रसारित करने की बात सामने आई थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क में छद्म ऑनलाइन पहचान का इस्तेमाल किया जाता था। मामले की जांच के दौरान ‘Voice of Hind’ की PDF फाइलों, प्रचार सामग्री, चैट और अन्य डिजिटल सामग्री समेत कई दस्तावेज जब्त किए गए थे।
चारों दोषियों की क्या थी भूमिका?
अदालत के अनुसार, उमर निसार ‘Voice of Hind’, Telegram और अन्य ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से ISIS सामग्री के प्रसार से जुड़ा था। रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट पर ISIS विचारधारा के प्रचार तथा युवाओं को संगठन से जोड़ने के प्रयासों में शामिल होने की बात सामने आई। वहीं, अफशान परवेज जराबी ‘Voice of Hind’ के लिए लेख प्रकाशित और प्रसारित करने तथा Telegram चैनलों के जरिए प्रचार गतिविधियों में शामिल पाया गया।
आठ आरोपियों के खिलाफ हुई थी कार्रवाई
NIA ने इस मामले में कुल आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र और चार पूरक आरोपपत्र दाखिल किए थे। चार आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है।
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