JPSC Student Protest : रांची में जंतर-मंतर जैसा धरना, भूख हड़ताल पर 7 प्रदर्शनकारी, सोनम वांगचुक की अपील पर पिया पानी, 7 अगस्त को करेंगे विधानसभा घेराव
RANCHI : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर जैसा आंदोलन चल रहा है। 7 से ज्यादा प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। इनमें छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अन्न-जल छोड़ रखा था। बुधवार को सोनम वांगचुक ने देवेंद्र से वीडियो कॉल पर बात की। उनकी अपील पर देवेंद्र ने पानी पिया लेकिन कहा कि उनका अनशन जारी रहेगा।
वहीं, SDM कुमार रजत और ADM धनंजय कुमार प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों से मिलने के लिए मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रदर्शनकारियों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ कोई भी बातचीत सिर्फ छात्रों के बीच ही होगी। प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए 2 घंटे का समय मांगा है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई भाजपा के विधायक जयपाल सिंह मुंडा भी स्टेडियम पहुंचे। यहां उन्होंने अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि एग्जाम में भारी गड़बड़ी हुई है। जेपीएससी ने नौकरी बेचा है। मैंने आज सर्वदलीय बैठक में भी साफ कहा है कि एग्जाम रद्द करें। हम झारखंड के युवाओं के साथ है। ये मांग पूरे झारखंड की है।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। ये प्रदर्शन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 12 दिन से चल रहा है। छात्र JPSC, JSSC-CGL समेत दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
छात्र क्यों कर रहे हैं आंदोलन
2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था। इसमें 2,204 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच मेंस परीक्षा होनी थी।
रिजल्ट आने के बाद कई उम्मीदवारों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना था कि कट-ऑफ जारी नहीं की गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक उम्मीदवार की कथित OMR शीट वायरल हुई। दावा किया गया कि उसने सिर्फ 48 सवाल हल किए, फिर भी वह मेंस के लिए चुन लिया गया। वहीं, रिजल्ट पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठे। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने मेंस परीक्षा रद्द कर दी।
छात्रों की क्या मांगें हैं
छात्रों का कहना है कि JPSC की कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा नहीं, बल्कि पूरे भर्ती सिस्टम में बदलाव चाहते हैं। उनकी मुख्य मांगें ये हैं:
- 14वीं JPSC परीक्षा की CBI और ED से जांच कराई जाए। सिर्फ CID जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाए, ताकि मामले की सुनवाई जल्दी हो और तय समय में फैसला आए।TDPL (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) से कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं। छात्रों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े एक अधिकारी पर भर्ती में गड़बड़ी के आरोप हैं।
- TDPL को ब्लैकलिस्ट किया जाए और आगे की परीक्षाएं TCS जैसी भरोसेमंद कंपनी से कराई जाएं।
- JPSC और JSSC के उन अधिकारियों को हटाया जाए, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उनकी जगह साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
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