जमुई नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप पर मीसा भारती पहुंचीं सचिवालय थाना, CM सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग
पटना: जमुई में नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने के आरोप को लेकर बिहार में सियासी विवाद बढ़ गया है। आरजेडी सांसद मीसा भारती शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराने पटना के सचिवालय थाना पहुंचीं। उन्होंने POCSO एक्ट की धारा 23 और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की मांग की।
पटना: जमुई में नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने के आरोप को लेकर बिहार में सियासी विवाद बढ़ गया है। आरजेडी सांसद मीसा भारती शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराने पटना के सचिवालय थाना पहुंचीं। उन्होंने POCSO एक्ट की धारा 23 और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की मांग की।
मीसा भारती का आरोप है कि वह करीब छह घंटे तक सचिवालय थाना में बैठी रहीं, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जा सकती, बल्कि सोशल मीडिया अकाउंट संभालने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद मीसा भारती ने अपना आवेदन थाने में ही फाड़ दिया।
मीसा भारती ने आरोप लगाया कि जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से उसकी पहचान उजागर हुई। तस्वीर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए जाने के बाद हटा दी गई थी। इस मामले में आरजेडी की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
इसी बीच इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ सचिवालय थाना में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, सचिवालय डीएसपी अनु कुमारी ने कहा कि घटना को लेकर पुलिस के बयान पर पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और अनुसंधान शुरू है। मीसा भारती की ओर से दिए गए आवेदन पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सभी तथ्यों को एकत्रित करने के बाद विधि सम्मत कार्रवाई करेगी।
अब इस मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ मुख्यमंत्री के खिलाफ मीसा भारती की शिकायत पर होने वाली कार्रवाई पर भी नजर है।
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