दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक डबल स्टैक ‘पाइथन’ ट्रेन के सारथी बने समस्तीपुर के सौरव, गांव में जश्न का माहौल

समस्तीपुर/रोसड़ा: भारतीय रेलवे के इतिहास में 8 सितंबर 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) से वडोदरा के लिए दुनिया की पहली ‘इलेक्ट्रिक डबल स्टैक कंटेनर लॉन्ग हॉल पाइथन ट्रेन’ को रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र स्थित भीरहा गांव, वार्ड संख्या 08 निवासी सहायक लोको पायलट सौरव कुमार ने संभाली।

Sep 10, 2026 - 15:43
दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक डबल स्टैक ‘पाइथन’ ट्रेन के सारथी बने समस्तीपुर के सौरव, गांव में जश्न का माहौल

समस्तीपुर/रोसड़ा:- भारतीय रेलवे के इतिहास में 8 सितंबर 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) से वडोदरा के लिए दुनिया की पहली ‘इलेक्ट्रिक डबल स्टैक कंटेनर लॉन्ग हॉल पाइथन ट्रेन’ को रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र स्थित भीरहा गांव, वार्ड संख्या 08 निवासी सहायक लोको पायलट सौरव कुमार ने संभाली।

दोपहर 12:35 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने JNPT मुंबई से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

ऐतिहासिक ट्रेन चलाने का मिला गौरव

भीरहा गांव निवासी अशोक कुमार के पुत्र सौरव कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें देर शाम जानकारी मिली थी कि उनकी ड्यूटी दुनिया की पहली पाइथन ट्रेन के संचालन में लगाई गई है। सौरव के लिए यह जिम्मेदारी बेहद गर्व और उत्साह का विषय रही, क्योंकि प्रधानमंत्री के हाथों हरी झंडी दिखाई गई इस महत्वपूर्ण ट्रेन के संचालन में उन्हें मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिला।

गांव पहुंची खबर तो छाई खुशी

सौरव कुमार की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव भीरहा पहुंची, ग्रामीणों और परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि भीरहा के लाल ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे समस्तीपुर और बिहार का मान बढ़ाया है।

सौरव के घर पर रिश्तेदारों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। हर कोई इस उपलब्धि के लिए सौरव और उनके परिवार को बधाई दे रहा है।

बाइट: सहायक लोको पायलट सौरव कुमार

रिपोर्ट: रंजीत मिश्रा, रोसड़ा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0