मोतिहारी के आसमान में 25 सितंबर को गरजेगी सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम, नौ हॉक विमानों से दिखेगा रोमांचक हवाई प्रदर्शन, आसमान में बिखरेंगे तिरंगे के रंग
मोतिहारी। भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 25 सितंबर 2026 को मोतिहारी के आसमान में रोमांचक हवाई प्रदर्शन करेगी। टीम अपने शानदार हवाई करतबों के माध्यम से दर्शकों को सटीकता, अनुशासन, कौशल और बेहतरीन समन्वय का अद्भुत प्रदर्शन दिखाएगी।
वर्ष 2026 के प्रशिक्षण सत्र के सफल समापन के बाद सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अपनी नई टीम संरचना के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई प्रदर्शन की श्रृंखला के तहत मोतिहारी पहुंच रही है। इस वर्ष टीम में पांच नए सदस्य शामिल हुए हैं। ये सदस्य अनुभवी पायलटों के साथ मिलकर सूर्यकिरण की उत्कृष्टता और पेशेवर मानकों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायु सेना के नौ लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 विमानों के साथ प्रदर्शन करती है। इन विमानों का निर्माण भारत में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा लाइसेंस के तहत किया गया है। प्रदर्शन के दौरान लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और प्रतिष्ठित डीएनए करतब सहित कई जटिल हवाई करतब दिखाए जाएंगे। इन करतबों के दौरान पायलटों के बीच सटीकता, समन्वय और टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलेगा।
कुछ हवाई करतबों के दौरान विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रहती है। ऐसी परिस्थितियों में प्रत्येक करतब पायलटों के उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, अनुशासन, कौशल और आपसी विश्वास को दर्शाता है।
प्रदर्शन को और आकर्षक बनाने के लिए हॉक एमके-132 विमानों में स्वदेशी रूप से विकसित रंगीन धुआं प्रणाली लगाई गई है। भारतीय वायु सेना के बेस मरम्मत डिपो, नासिक द्वारा विकसित इस प्रणाली के माध्यम से विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं छोड़ते हैं, जिससे आसमान में तिरंगे का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।
वर्ष 1996 में स्थापित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव प्राप्त है। टीम भारत में अब तक 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और दुबई सहित विभिन्न देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हवाई शो में भी भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।
भारतीय वायु सेना की ‘दूत’ के रूप में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम देश-विदेश में वायु सेना की व्यावसायिकता, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करती है। अपने प्रदर्शनों के माध्यम से टीम युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय वायु सेना की कार्य संस्कृति और मूल्यों से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सुखोई-30 एमकेआई के पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी के नेतृत्व में सूर्यकिरण टीम सटीकता, अनुशासन और निरंतर उत्कृष्टता की भावना का प्रतीक है। नौ विमानों को एक इकाई के रूप में उड़ाने के दौरान प्रत्येक करतब में पायलटों के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास और टीम भावना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मोतिहारी में होने वाला यह हवाई प्रदर्शन बिहार के लिए भी विशेष महत्व रखता है। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के चिकित्सा अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं।
यह हवाई प्रदर्शन युवाओं और आम नागरिकों को भारतीय वायु सेना की कार्यप्रणाली, व्यावसायिक उत्कृष्टता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्रदान करेगा। विशेष रूप से सशस्त्र बलों में करियर बनाने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं के लिए यह भारतीय वायु सेना की गौरवशाली विरासत और मूल्यों को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
मोतिहारी के लोग नौ हॉक विमानों को एक साथ सटीक संरचना में उड़ते हुए और आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरते हुए देख सकेंगे। यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की उड़ान क्षमता के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और उत्कृष्टता के उन मूल्यों को भी प्रदर्शित करेगा, जो सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की पहचान हैं।
मोतिहारी, आसमान की ओर देखिए... सूर्यकिरण आ रही है।