गुमला में दीपावली से पहले महिलाओं ने सजाया देसी उत्पादों का बाजार, 13 स्टॉलों पर मिल रहे खास सामान
दीपावली के त्योहार पर बाजार में जहां तरह-तरह के सजावटी सामान और मिठाइयों की मांग बढ़ रही है, वहीं गुमला में ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से तैयार उत्पादों का बाजार सजाया है। यहां आयोजित तीन दिवसीय पलाश दीपावली मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार स्थानीय और पारंपरिक सामान लोगों के लिए उपलब्ध हैं।
दीपावली के त्योहार पर बाजार में जहां तरह-तरह के सजावटी सामान और मिठाइयों की मांग बढ़ रही है, वहीं गुमला में ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से तैयार उत्पादों का बाजार सजाया है। यहां आयोजित तीन दिवसीय पलाश दीपावली मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार स्थानीय और पारंपरिक सामान लोगों के लिए उपलब्ध हैं।
गुरुवार को कन्या मध्य विद्यालय, टंगरा स्थित जशपुर रोड परिसर में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने फीता काटकर इस मेले का उद्घाटन किया। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की ओर से आयोजित यह मेला 5 से 7 नवंबर तक चलेगा। इसमें जिले के अलग-अलग महिला स्वयं सहायता समूहों ने 13 से अधिक स्टॉल लगाए हैं।
घरेलू सामान से लेकर पौष्टिक खाद्य पदार्थों तक की बिक्री
मेले में महिलाओं के हाथों से तैयार कई तरह के उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां अचार, बड़ी, पापड़, ठेकुआ, नमकीन और रागी के लड्डू जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों के साथ मक्के से बने पौष्टिक स्नैक्स भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा मिट्टी के दीपक, झाड़ू, हर्बल उत्पाद और घर की सजावट से जुड़ी सामग्री भी खरीदी जा सकती है।
इस आयोजन के जरिए महिला समूहों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और उनकी बिक्री बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की पहल
उद्घाटन के बाद उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया। उन्होंने महिला समूहों की सदस्यों से बातचीत कर उनके उत्पादों की तैयारी, गुणवत्ता और बाजार में उनकी मांग के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय और जैविक उत्पाद न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि लोगों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि इस दीपावली पर बड़े बाजारों के उत्पादों के साथ स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार सामानों को भी प्राथमिकता दें। इससे महिला उद्यमियों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
7 नवंबर तक उठा सकते हैं मेले का लाभ
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिले और उन्हें उचित बाजार उपलब्ध हो। महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार सहयोग किया जाएगा।
इस मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार जारीका समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
पलाश दीपावली मेला 7 नवंबर तक चलेगा। ऐसे में जिलेवासी मेले में पहुंचकर स्थानीय महिला समूहों के उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।
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