SIR पर झारखंड में सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर किया पलटवार, घुसपैठियों को लेकर लगाए गंभीर आरोप

झारखंड में SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बीजेपी को वोट नहीं देने वाले मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए SIR को मतदाता सूची का शुद्धिकरण बताया। उन्होंने कांग्रेस और झामुमो पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए विरोध करने का आरोप लगाया।

Nov 6, 2026 - 13:53
SIR पर झारखंड में सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर किया पलटवार, घुसपैठियों को लेकर लगाए गंभीर आरोप

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस की ओर से SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सवाल किया कि जब बूथ स्तर पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद हैं, तो फिर इस प्रक्रिया को लेकर इतना विरोध क्यों किया जा रहा है?

दरअसल, झारखंड कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाया है कि SIR के नाम पर ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं करते हैं। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर किसी भी योग्य मतदाता का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए।

कांग्रेस के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA-2 की भूमिका तय है। जब हर राजनीतिक दल के प्रतिनिधि बूथ स्तर पर मौजूद हैं और उन्हें मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी रखने का अधिकार है, तो फिर इस तरह के आरोप लगाने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि यदि किसी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या गलती से छूट गया है, तो संबंधित व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। ऐसे में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री या केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब मांगना समझ से परे है।

बाबूलाल मरांडी ने SIR को मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कई मतदाताओं की मृत्यु हो जाती है, कई लोग अपना पुराना निवास स्थान छोड़कर दूसरे शहर या राज्य में चले जाते हैं। इसके अलावा एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग जगहों पर या एक से अधिक बार मतदाता सूची में दर्ज हो जाता है। ऐसे मामलों की पहचान कर सूची को दुरुस्त करना जरूरी है। मरांडी के मुताबिक SIR के जरिए इसी तरह की गड़बड़ियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और झामुमो SIR का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं। मरांडी ने इस मुद्दे को राज्य की राजनीति से जोड़ते हुए विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल खड़े किए।

वहीं, कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों ने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का आरोप है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं, जबकि बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए ऐसी प्रक्रिया जरूरी है।

कुल मिलाकर झारखंड में SIR अब केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है। एक तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जवाब मांग रही है, तो दूसरी तरफ बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0