रामगढ़ अधिवेशन स्मरणोत्सव में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा, देश की आजादी के लिए कांग्रेस का योगदान अविस्मरणीय

Mar 20, 2021 - 06:02
रामगढ़ अधिवेशन स्मरणोत्सव में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा, देश की आजादी के लिए कांग्रेस का योगदान अविस्मरणीय


रांची/ रामगढ़ : पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। देश को आजादी दिलाने में कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के लिए कांग्रेस सदैव समर्पित भाव से जुटी रही है। देश की आजादी के लिए कांग्रेसियों का बलिदान अविस्मरणीय है। श्री सहाय शनिवार को रामगढ़ में कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित “रामगढ़ अधिवेशन स्मृति उत्सव” में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद राष्ट्र के नवनिर्माण में कांग्रेस पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि रामगढ़ में वर्ष 1940 में कांग्रेस का अधिवेशन (20 मार्च) हुआ था। उसकी याद में प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को स्मरणोत्सव दिवस रामगढ़ में मनाया।
इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री डॉ.रामेश्वर उरांव ने कहा कि देश की आजादी में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है। आजादी के संघर्ष और उसके बाद देश के नवनिर्माण में इस पार्टी ने दमदार तरीके से दायित्वों का निर्वहन किया है। अब भी पार्टी देश के महान सपूतों और महापुरुषों के दिखाये रास्ते पर चल रही है। इससे पहले उन्होंने अन्य नेताओं संग सरदार पटेल चौक, सुभाष चंद्र बोस चौक पर माल्यार्पण किया। गांधी घाट जाकर महात्मा गांधी को याद करते हुए नमन किया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस विधायक दल के नेता और मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक ममता देवी, दीपिका पांडेय सिंह, विधायक अंबा प्रसाद, प्रवक्ता राकेश सिन्हा,आलोक दुबे, राजेश गुप्ता,लाल किशोर नाथ शाहदेव सहित अन्य मौजूद थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि
रामगढ़ अधिवेशन से ही आजादी के आंदोलन की गति तेज हुई थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से रामगढ़ में आयोजित अधिवेशन ऐतिहासिक था। इसकी याद में पार्टी की तरफ से यादों की गोद में स्मरणोत्सव दिवस मनाया जा रहा है।
वर्ष 1940 में 18 से 20 मार्च तक रामगढ़ में तीन दिवसीय कांग्रेस महाधिवेशन आयोजित किया गया था। इसमें भारत छोड़ो आंदोलन की बुनियाद रखी गई थी। दामोदर नदी के किनारे जंगलों के झुरमुट में इस अधिवेशन के लिए सैकड़ों पंडाल लगाए गए थे। जबर्दस्त उत्साह के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस महाधिवेशन को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि स्मरणोत्सव के जरिये उन ऐतिहासिक पलों को हमेशा यादों में संजोकर रखना जरूरी है।
मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.रामेश्वर उरांव ने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद जब राष्ट्रपिता बापू की हत्या कर दी गई थी, तो उनकी इच्छा के अनुरूप बापू की अस्थियों को रामगढ़ लाया गया था। दामोदर नदी के तट पर अस्थियां विसर्जित की गई थी। आज भी रामगढ़ का गांधी घाट उनकी याद दिलाता है।
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागण, समर्पित और सक्रिय कार्यकर्तागण, कांग्रेस पार्टी की सभी आनुषंगिक इकाइयों के पदधारी व सदस्यगण सहित काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।

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