भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर शहीद स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि
गयाजी । भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर 9 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कोतवाली स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के त्याग और बलिदान को नमन किया गया। इसके बाद सभी लोग भुई राम, जगन्नाथ मिश्रा एवं कैलाश राम के स्मारक तथा धामी टोला स्थित कैलाश जी के स्मारक और गांधी चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पहुंचे और पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि 9 अगस्त 1942 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक दिन है। इसी दिन महात्मा गांधी ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध “करो या मरो” का ऐतिहासिक आह्वान किया था। इस आह्वान ने पूरे देश में स्वतंत्रता की अलख जगा दी और लाखों देशभक्त अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं झेलीं और अनेक वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों का त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए सदैव समर्पित रहना चाहिए। राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा कि आजादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि अनगिनत वीरों के संघर्ष, बलिदान और तपस्या का परिणाम है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए सजग रहे तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “अमर शहीद अमर रहें” के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में भाजपा के वरिष्ठ नेता राणा रणजीत सिंह, विजय प्रसाद उर्फ काला नाग, संतोष ठाकुर, अजय नारायण सिंह उर्फ मुन्ना जी, हीरा यादव, मंटू कुमार, बबलू गुप्ता, महेश यादव, रामविलास उर्फ गुड्डू साव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।