पटना में फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए 500 से ज्यादा लोगों को खाड़ी देश भेजने वाले गिरोह का खुलासा, 3 गिरफ्तार; 118 पासपोर्ट बरामद

पटना। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पटना पुलिस ने खुलासा किया है। गांधी मैदान पुलिस ने एग्जिबिशन रोड स्थित एक ट्रैवल्स कंसल्टेंसी के कार्यालय में छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 118 पासपोर्ट समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है।

Oct 4, 2026 - 12:17
पटना में फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए 500 से ज्यादा लोगों को खाड़ी देश भेजने वाले गिरोह का खुलासा, 3 गिरफ्तार; 118 पासपोर्ट बरामद

पटना। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पटना पुलिस ने खुलासा किया है। गांधी मैदान पुलिस ने एग्जिबिशन रोड स्थित एक ट्रैवल्स कंसल्टेंसी के कार्यालय में छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 118 पासपोर्ट समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य फिटर, इलेक्ट्रीशियन समेत अलग-अलग पदों पर खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, मेडिकल जांच रिपोर्ट और इंटरव्यू लेटर तैयार किए जाते थे। प्रत्येक व्यक्ति से कथित तौर पर 2 से 3 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है।

एग्जिबिशन रोड स्थित चांदी व्यापार भवन की पांचवीं मंजिल पर छापेमारी के दौरान बिहार, असम समेत कई राज्यों के लोगों के 118 पासपोर्ट बरामद किए गए। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं के अनुभव प्रमाणपत्र, पैथोलॉजी जांच पर्चियों की बुकलेट, फर्जी इंटरव्यू लेटर, तीन लैपटॉप, एक सीपीयू, पांच मोबाइल फोन और 1.44 लाख रुपये नकद भी मिले हैं।

पुलिस ने मौके से दुबई की 210 दिरहम, ओमान की 7 रियाल और सऊदी अरब की 1000 रियाल विदेशी मुद्रा भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वैशाली निवासी तनवीर आलम, जहानाबाद निवासी शाहिद अनवर और पटना निवासी तौसीफ आलम के रूप में हुई है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को 500 से अधिक लोगों को विदेश भेजे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने इस फर्जीवाड़े से 10 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। हालांकि, विदेश भेजे गए लोगों की वास्तविक संख्या और कुल रकम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।

फिलहाल गांधी मैदान पुलिस बरामद पासपोर्ट, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और अनुभव प्रमाणपत्र कहां तैयार किए जाते थे और इस नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपितों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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