झारखंड का स्वर्णिम काल कहलाएगा हेमंत का यह कार्यकाल

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सरकार के चार साल का कार्यकाल: भाग-6 झारखंड में लागू हुई सर्वजन पेंशन योजना। कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित अन्य वर्गों के अनुबंधकर्मियों की मांगें हुई पूरी।

झारखंड का स्वर्णिम काल कहलाएगा हेमंत का यह कार्यकाल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन की सरकार ने चार वर्षों के कार्यकाल में कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जो मील का पत्थर साबित हुई हैं। झारखंड में कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित अन्य वर्गों के अनुबंधकर्मियों की पुरानी मांगों को पूरा किया गया। झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जहां पुरानी पेंशन योजना लागू की गई। सरकार ने झारखंड में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का काम कर दिखाया। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पूरे देश में पहला राज्य है। इसके तहत राज्य में 60 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्ग महिला, पुरुष, विधवा, दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया गया। झारखंड में सरकार ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, बेरोजगारों सहित सभी वर्गों के लिए विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतरने में सफलता पाई। सर्वांगीण विकास के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर राज्य के माथे पर लगा पिछड़ेपन का टैग मिटाने में भी हेमंत सोरेन की सरकार कामयाब हुई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड को अपने बल पर खड़ा करने का लक्ष्य लेकर अग्रसर हैं। आने वाली पीढ़ी को सशक्त करने के लिए भी राज्य सरकार बेहतर कार्य कर रही है। सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की गई। वहीं, सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना से बच्चियों को जोड़ा गया। राज्य में किसानों की ऋण माफी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, सरकारी उपक्रमों में विभिन्न पदों पर नियुक्ति, प्रत्येक विभागों की नियुक्ति नियमावली बनाने, उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन, बेहतर उद्योग नीति के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बहुत सारे कार्य किए गए हैं। झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां हाइड्रोजन इंजन का निर्माण किया जा सकेगा। इसके लिए टाटा कमिंस के साथ समझौता भी हो चुका है। कई औद्योगिक संस्थानों द्वारा उद्योग स्थापित करने की कार्य योजना भी पाइपलाइन में है। मुख्यमंत्री ने अपने वायदे के अनुरूप काम में कभी कमी नहीं की। झारखंड कई राज्यों से बेहतर है। राज्य में सीमित संसाधन है, फिर भी राज्य की दशा और दिशा बदलने के लिए हेमंत सोरेन कृतसंकल्पित हैं।