वैशाली, पटना और नालंदा में 3 से 8 अक्टूबर तक होगा विश्वरंग का आठवां संस्करण, भाषा-साहित्य और संस्कृति पर होगा अंतरराष्ट्रीय संवाद
बिहार की ऐतिहासिक धरती वैशाली, पटना और नालंदा में भाषा, साहित्य, संस्कृति और कला का अंतरराष्ट्रीय आयोजन विश्वरंग के आठवें संस्करण का आगाज हो गया है। 3 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस छह दिवसीय आयोजन में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संदर्भ में भाषा, साहित्य, संस्कृति और कला पर व्यापक संवाद होगा।
पटना: बिहार की ऐतिहासिक धरती वैशाली, पटना और नालंदा में भाषा, साहित्य, संस्कृति और कला का अंतरराष्ट्रीय आयोजन विश्वरंग के आठवें संस्करण का आयोजन 3 से 8 अक्टूबर तक किया जा रहा है। छह दिवसीय इस आयोजन में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संदर्भ में भाषा, साहित्य, संस्कृति और कला से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक संवाद होगा।
कार्यक्रम के पहले चरण की शुरुआत 3 अक्टूबर को सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, वैशाली से होगी। यहां आमंत्रित अतिथि विश्वविद्यालय का भ्रमण करने के साथ विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इसके बाद काव्य पाठ और वैशाली स्तूप के भ्रमण का कार्यक्रम होगा।
4 अक्टूबर को पटना संग्रहालय में मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा। इस दौरान विश्वरंग फिल्म का प्रदर्शन, दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया की सांस्कृतिक चेतना पर व्याख्यान और सत्यजीत रे की द इनर आई का प्रदर्शन होगा। रवीन्द्रनाथ टैगोर की चित्रकला पर विशेष प्रदर्शनी के साथ समकालीन भारतीय कला पर परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी।
5 अक्टूबर को कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट और प्रेमचंद रंगशाला में टैगोर बाल चित्रकला कार्यशाला, लोक कला प्रस्तुतियां, शोभायात्रा और नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी। वहीं 6 अक्टूबर को नालंदा और राजगीर की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण किया जाएगा।
7 और 8 अक्टूबर को नालंदा में मुख्य बौद्धिक और साहित्यिक सत्र होंगे। इन सत्रों में नालंदा की विरासत, भाषायी विविधता, अनुवाद, कला-संस्कृति, बौद्ध दर्शन, व्यापार और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
आयोजन में देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, साहित्यकार और विचारक शामिल होंगे। बहुभाषा कविता पाठ भी विश्वरंग के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
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