देवघर : अंतरराज्‍यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश,1 लाख 20 हज़ार नगद,29 मोबाइल,1 लैपटॉप,क्लोनिंग मशीन समेत 5 अपराधी गिरफ्तार

आईसीआईसीआई खाताधारक के एकाउंट से एक करोड़ के फर्जीवाड़ा का देवघर पुलिस ने किया खुलासा

देवघर : अंतरराज्‍यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश,1 लाख 20 हज़ार नगद,29 मोबाइल,1 लैपटॉप,क्लोनिंग मशीन समेत 5 अपराधी गिरफ्तार

देवघर : साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी हैं। साइबर अपराध से जुड़े आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर डीएसपी नेहा बाला के नेतृत्व में टीम गठित कर देवघर जिले के अलावा आस पास के जिले से छापेमारी कर गिरफ्तार किया हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे ने बताया कि देवघर स्थित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के ग्राहकों से एक करोड़ रूपये फर्जीवाड़ा करने के आरोप में साइबर थाने में साइबर थाना कांड संख्या 25 / 2020 दर्ज किया गया था। जिसमें अनुसंधान के लिये पुलिस अधीक्षक ने साइबर डीएसपी नेहा बाला के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया गया था। अनुसंधान के क्रम में टेक्निकल टीम की मदद से छापेमारी टीम ने करों थाना क्षेत्र के जगगाड़ीह गांव से तीन साइबर अपराधी अजीत मंडल, चेतलाल मंडल तथा शमीम अख्तर को गिरफ्तार किया था। जिसे कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने अपने स्वीकृत बयान में अन्य साइबर अपराधियों की संलिप्तता के बारे में बताया था, जिसके निशानदेही पर करों थाना क्षेत्र के ही राजू मंडल तथा मुकेश मंडल को गिरफ्तार किया, साथ ही दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के चौराजोर गांव से कृष्णा यादव, मोहनपुर थाना क्षेत्र के घोरमारा गांव से लल्लू कुमार तथा बिहार के बांका जिला के बोसी क्षेत्र से दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया है ।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने 29 मोबाइल, एक एचपी (HP) कंपनी का लैपटॉप,15 सिम कार्ड,53 एटीएम कार्ड तथा 21 ब्लेंक एटीएम कार्ड और एक एटीएम क्लोनिंग मशीन के साथ नगद ₹1,20,000 भी बरामद किया है । पुलिस अधीक्षक श्री पांडे ने बताया कि सभी अपराधी अन्य राज्य में स्थित आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों से भी साइबर ठगी की है, जिसकी पहचान की जा रही है तथा अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क साधा जा रहा है। जिसके उपरांत सभी को ट्रांजिट रिमांड पर अपना-अपना स्टेट ले जाकर उसे पूछताछ करेगी तथा घटना के संदर्भ में अनुसंधान करेगी। श्री पांडे ने यह भी बताया कि यह लोग कई मोबाइल नंबरों पर एक साथ मैसेज कर एक लिंक भेजता है जिसके जरिए केवाईसी कंपलीट करने के लिए झांसे में लेकर उसके साथ साइबर ठगी करता है। और ग्राहक बड़ी आसानी से उसके जाल में फंस जाता है।

छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक नेहा बाला के नेतृत्व में पुलिस इंस्पेक्टर संगीता कुमारी एसआई शैलेश कुमार पांडे, एसआई पांडू शामत, प्रेम प्रदीप कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, दीपेश कुमार, विक्रम कुमार सिंह , जयराम पंडित, तपन कुमार मंडल , सुमित कुमार गुप्ता , विजय कुमार मंडल, मुनेश्वर ठाकुर, हवलदार सुरेश मरांडी, वरुण कुमार दर्वे, बबीता कुमारी, प्रदीप कुमार मंडल, रिया उल हक विश्वजीत कुमार, टेक्निकल टीम के आरक्षी कृष्ण आपूर्ति सहित अन्य लोग शामिल थे। आपराधिक इतिहास के बारे में पूछताछ करने पर एसपी ने बताया कि सभी के आपराधिक इतिहास के बारे में छानबीन की जा रही हैं,वही गिरफ्तार लल्लू कुमार के बारे में बताया कि इसकी तलाश कई राज्यों की पुलिस को थी। अंततः आज गिरफ्त में आ गया।